अमरोहा जिले के हसनपुर में बुधवार को सवर्ण समाज से जुड़े लोगों ने यूजीसी के 2026 के इक्विटी नियमों और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मुद्दों को लेकर तहसील परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम हिमांशु उपाध्याय को सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने समानता के मौलिक अधिकार का हवाला देते हुए यूजीसी के संबंधित प्रावधानों की समीक्षा की मांग की। ज्ञापन में एससी-एसटी एक्ट के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी से पहले मजिस्ट्रेट स्तर पर निष्पक्ष जांच की व्यवस्था किए जाने की मांग भी रखी गई। ये दावे और मांगें प्रदर्शनकारियों की ओर से रखी गई हैं।
प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था को लेकर भी अपनी मांग रखी और जाति के बजाय आर्थिक स्थिति को आधार बनाए जाने की बात कही। प्रदर्शन में किसान संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान, चंद्रपाल सिंह चौहान, मास्टर महेंद्र सिंह, काले सिंह, चमन प्रधान, लोकेश प्रधान, डॉ. जगत सिंह, सीता आर्य, देवेश प्रधान, सोमपाल सिंह, अंकित चौहान, बंटी चौहान, उदेश चौहान और योगेश चौहान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
इस मामले में एक महत्वपूर्ण मौजूदा तथ्य यह है कि University Grants Commission (Promotion of Equity in Higher Education Institutions) Regulations, 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को फिलहाल स्थगित रखा था और 2012 के नियमों को लागू रहने दिया था। अगस्त 2026 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 2026 के नियम पुनर्विचार के अधीन हैं। इसलिए खबर में प्रदर्शनकारियों की मांगों को उनके ज्ञापन/दावे के रूप में प्रस्तुत करना और इन नियमों की वर्तमान कानूनी स्थिति भी स्पष्ट करना उचित रहेगा।