आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां 65 वर्षीय शीला देवी को एक निजी अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के लगभग 17 घंटे बाद उनके शरीर में हलचल होने लगी। घटना उस समय हुई जब परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। महिला के जीवित होने की जानकारी मिलते ही परिवार में अफरा-तफरी मच गई और उन्हें तुरंत उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
जानकारी के अनुसार, मामला ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र की श्रीनगर कॉलोनी का है। शीला देवी लंबे समय से बीमार थीं और उनके लीवर संबंधी बीमारी का इलाज चल रहा था। करीब डेढ़ महीने पहले वह अपने बेटे के पास बदायूं गई थीं। इसके बाद सोमवार को उन्हें बेहतर इलाज के लिए बरेली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया।
परिजनों के अनुसार, बुधवार तड़के करीब 3 बजे अस्पताल के डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद उनका बेटा एंबुलेंस से शव को लेकर शाम करीब 7 बजे आगरा स्थित घर पहुंचा। घर में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू हो गईं। रिश्तेदार और परिचित अंतिम दर्शन के लिए पहुंच चुके थे तथा फूल-मालाओं सहित अन्य आवश्यक सामग्री भी मंगाई जा चुकी थी।
इसी दौरान रात करीब 8 बजे परिवार के लोगों ने महिला के शरीर में हलचल महसूस की। परिजनों के मुताबिक, जब उनके दामाद ने उनके चरण स्पर्श किए तो शीला देवी ने उनका हाथ पकड़ लिया और कहा कि "मुझे कहां लेकर जा रहे हो? मैं जिंदा हूं।" यह सुनते ही घर में मौजूद सभी लोग हैरान रह गए। इसके बाद बिना देर किए उन्हें तत्काल आगरा के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है।
पड़ोसियों ने भी बताया कि महिला के जीवित होने के बाद पूरे मोहल्ले में आश्चर्य का माहौल बन गया। घटना की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घर के बाहर एकत्र हो गए। फिलहाल महिला की स्वास्थ्य स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
इस मामले के बाद कई सवाल भी उठ रहे हैं कि महिला को किन परिस्थितियों में मृत घोषित किया गया और उनकी चिकित्सीय स्थिति क्या थी। हालांकि, इस संबंध में संबंधित अस्पताल की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आना बाकी है। चिकित्सकीय विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में विस्तृत मेडिकल जांच और उपचार संबंधी रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जा सकता है।
फिलहाल महिला का उपचार जारी है और परिजन उनके स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, पूरे मामले ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।