आगरा। ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के टेढ़ी बगिया स्थित जेके हॉस्पिटल में इलाज के दौरान 48 वर्षीय मरीज की मौत के बाद परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही बरतने और कथित रूप से गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। मृतक की पहचान 48 वर्षीय धर्मपाल के रूप में बताई गई है।
जानकारी के मुताबिक धर्मपाल को उल्टी-दस्त की शिकायत होने के बाद उपचार के लिए जेके हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ी और बाद में मौत हो गई। मौत की जानकारी मिलने के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया।
उल्टी-दस्त के बाद अस्पताल में कराया था भर्ती
परिजनों के मुताबिक धर्मपाल की तबीयत खराब होने और उल्टी-दस्त की शिकायत के बाद उन्हें टेढ़ी बगिया स्थित जेके हॉस्पिटल ले जाया गया था।
यहां उन्हें भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान कथित रूप से एक इंजेक्शन लगाए जाने के बाद धर्मपाल की हालत और बिगड़ गई।
परिजनों ने लगाया गलत इंजेक्शन देने का आरोप
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उपचार के दौरान गलत इंजेक्शन लगाए जाने के कारण धर्मपाल की तबीयत बिगड़ी और उनकी मौत हो गई।
हालांकि परिजनों के इस आरोप की चिकित्सकीय अथवा आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। मौत का वास्तविक कारण मेडिकल जांच और संबंधित अधिकारियों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
मौत के बाद अस्पताल के बाहर हंगामा
धर्मपाल की मौत की जानकारी मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। परिजनों और उनके साथ मौजूद लोगों ने अस्पताल के बाहर हंगामा करते हुए इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की।
मामला ट्रांस यमुना थाना क्षेत्र के टेढ़ी बगिया का बताया जा रहा है।
अस्पताल संचालक पर ₹1 लाख देने की बात कहने का दावा
मामले में यह भी दावा किया जा रहा है कि विवाद के दौरान अस्पताल संचालक की ओर से ₹1 लाख देने की बात कही गई। हालांकि यह राशि किस संदर्भ में देने की बात हुई और इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन का विस्तृत पक्ष क्या है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
अस्पताल प्रबंधन का विस्तृत आधिकारिक पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
जांच से स्पष्ट होगा मौत का कारण
परिजनों ने धर्मपाल की मौत के लिए इलाज में कथित लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं गलत इंजेक्शन लगाने समेत सभी आरोप फिलहाल परिजनों के दावे हैं।
मरीज की मौत किन चिकित्सकीय परिस्थितियों में हुई, उपचार में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं और परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है, यह संबंधित विभाग एवं पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।