आगरा। सुभाष बाजार में हाल ही में हुए दर्दनाक हादसे के बाद नगर निगम प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। महावीर नाले पर करीब 51 वर्ष पहले निर्मित सात जर्जर दुकानों को ध्वस्त करने का निर्णय लिया गया है। नगर निगम का कहना है कि दुकानों की संरचना अब सुरक्षित नहीं रह गई है और भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को देखते हुए इन्हें हटाया जाएगा।
यह कार्रवाई उस घटना के बाद की जा रही है जिसमें 8 जुलाई को महावीर नाले पर बनी एक दो मंजिला दुकान अचानक भरभराकर गिर गई थी। हादसे में एक महिला की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई थी, जबकि आसपास के व्यापारियों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई थी। घटना के बाद नगर निगम ने पूरे क्षेत्र का तकनीकी निरीक्षण कराया, जिसमें अन्य दुकानों की स्थिति भी अत्यंत जर्जर पाई गई।
51 साल पहले बना था बाजार का यह हिस्सा
नगर निगम के रिकॉर्ड के अनुसार, महावीर नाले के ऊपर करीब 51 वर्ष पहले आठ दुकानों का निर्माण कराया गया था। इनमें अधिकांश दुकानें कपड़े के व्यापार से जुड़ी हैं। इन दुकानों का मासिक किराया आज भी मात्र 100 रुपये निर्धारित है, जो वर्षों पहले तय किया गया था।
समय के साथ दुकानों की संरचना कमजोर होती चली गई। लगातार पुराने हो चुके स्लैब, जर्जर निर्माण और नाले के ऊपर अतिरिक्त भार के कारण यह पूरा हिस्सा जोखिमपूर्ण माना जा रहा है।
नोटिस के बाद भी पूरी तरह खाली नहीं हुई दुकानें
नगर निगम प्रशासन ने सभी दुकानदारों को दुकानें खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था। नोटिस की समय सीमा समाप्त होने के बाद भी सात में से केवल तीन दुकानदारों ने अपनी दुकानें खाली की हैं, जबकि शेष दुकानदारों द्वारा अभी तक दुकानें पूरी तरह खाली नहीं की गई हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जाएगा और आवश्यक होने पर पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की जाएगी।
भारी मशीनों से चलेगा ध्वस्तीकरण अभियान
नगर निगम ने ध्वस्तीकरण अभियान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है। कार्रवाई के दौरान—
- 3 से 4 बैकहो लोडर (जेसीबी) लगाए जाएंगे।
- 2 चेन मशीनों की मदद से जर्जर संरचनाओं को तोड़ा जाएगा।
- मलबा हटाने के लिए 5 से 6 ट्रकों की व्यवस्था की गई है।
- सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर आम लोगों की आवाजाही सीमित की जाएगी।
गिरी हुई दुकान का मलबा भी हटाया जाएगा
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, 8 जुलाई को ढही दो मंजिला दुकान, जो पूरी तरह महावीर नाले में समा गई थी, उसका शेष मलबा भी इसी अभियान के दौरान हटाया जाएगा। मलबा हटने के बाद नाले की सफाई और उसकी वास्तविक स्थिति का भी निरीक्षण किया जाएगा।
नाले की सफाई में भी बन रही थीं बाधा
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि महावीर नाले के ऊपर बनी ये पुरानी दुकानें वर्षों से नाले की नियमित सफाई और रखरखाव में बड़ी बाधा बन रही थीं। इसके कारण बरसात के मौसम में जल निकासी भी प्रभावित होती रही है। दुकानों को हटाने के बाद नाले की सफाई और चौड़ीकरण का कार्य भी सुचारु रूप से किया जा सकेगा।
शहर की अन्य जर्जर इमारतों का भी होगा सर्वे
सुभाष बाजार हादसे के बाद नगर निगम ने शहर की अन्य पुरानी और जर्जर इमारतों, दुकानों और नालों के ऊपर बने निर्माणों का भी सर्वे शुरू करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि जहां भी लोगों की सुरक्षा को खतरा मिलेगा, वहां समय रहते कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे को रोका जा सके।