आगरा/शमसाबाद। आगरा जनपद के शमसाबाद में युवाओं को राष्ट्र निर्माण, सामाजिक समरसता, शिक्षा और भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की ओर से विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका’ विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम में संघ के सह क्षेत्र प्रचार प्रमुख तपन कुमार ने युवाओं को संबोधित किया।
कार्यक्रम का आयोजन जीआर नर्सिंग एंड पैरा मेडिकल कॉलेज, शमसाबाद में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. स्वाति पाठक ने की। आयोजन में विभिन्न शिक्षण संस्थानों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और युवाओं ने भाग लिया। इस दौरान संघ के स्थानीय पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
भारत का भविष्य युवा पीढ़ी के चरित्र पर निर्भर: तपन कुमार
युवाओं को संबोधित करते हुए तपन कुमार ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे युवा देशों में शामिल है और देश का भविष्य काफी हद तक युवा पीढ़ी के चरित्र, विचार और जिम्मेदारी की भावना पर निर्भर करता है।
उन्होंने युवाओं से कहा कि उन्हें अपने अधिकारों के साथ-साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को भी समझना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय चरित्र, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर जोर देते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जब देश का प्रत्येक युवा राष्ट्रीय चरित्र और कर्तव्य की भावना के साथ आगे बढ़ेगा, तभी भारत वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित करते हुए ‘विश्व गुरु’ बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेगा।
नई शिक्षा नीति और भारत-केंद्रित शिक्षा पर रखे विचार
कार्यक्रम के दौरान वर्तमान शैक्षणिक व्यवस्था और नई शिक्षा नीति पर भी चर्चा हुई। तपन कुमार ने कहा कि नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा को भारत-केंद्रित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्राप्त करना नहीं, बल्कि ऐसी युवा पीढ़ी का निर्माण करना भी होना चाहिए जिसे अपने देश, संस्कृति, सभ्यता और इतिहास की जानकारी हो तथा उसके प्रति गर्व का भाव हो।
उन्होंने युवाओं से भारतीय इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को समझने तथा आधुनिक शिक्षा और तकनीक के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने का आह्वान किया।
जातिवाद और भेदभाव से ऊपर उठने का आह्वान
कार्यक्रम में सामाजिक समरसता का विषय भी प्रमुखता से उठाया गया। तपन कुमार ने युवाओं से जातिवाद, भेदभाव और संकीर्ण मानसिकता से ऊपर उठकर समाज को एक सूत्र में जोड़ने के लिए आगे आने की अपील की।
उन्होंने कहा कि मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए समाज में एकता और समरसता आवश्यक है। युवाओं को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और लोगों को जोड़ने की भूमिका निभानी चाहिए।
‘भारत ने विश्व को ज्ञान, विज्ञान और अध्यात्म का मार्ग दिखाया’
तपन कुमार ने भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने प्राचीन काल से दुनिया को ज्ञान, विज्ञान, अध्यात्म और जीवन जीने की कला का मार्ग दिखाया है।
उन्होंने युवाओं को भारतीय संस्कृति और इतिहास को समझने के साथ-साथ आधुनिक समय की आवश्यकताओं के अनुरूप स्वयं को तैयार करने का संदेश दिया। उनका कहना था कि अपनी जड़ों और संस्कारों को समझते हुए आधुनिक ज्ञान एवं तकनीक को अपनाने वाली युवा पीढ़ी राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
डिजिटल युग में संस्कार और विचारों को बनाए रखने पर जोर
कार्यक्रम के अंतिम चरण में विद्यार्थियों और युवाओं के साथ सवाल-जवाब का सत्र आयोजित किया गया। इस दौरान युवाओं ने वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों, शिक्षा, डिजिटल माध्यमों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल किए।
तपन कुमार ने बदलते डिजिटल युग में युवाओं से अपनी संस्कृति, संस्कार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना को बनाए रखने की बात कही। उन्होंने युवाओं को डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक उपयोग करने और समाज एवं राष्ट्र के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं से शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण, सामाजिक एकता और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने का आह्वान किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थानीय पदाधिकारी और विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़े लोग भी मौजूद रहे।