दरगाह ग्राउंड से शुरू होकर कस्बे के विभिन्न मार्गों से गुजरा जुलूस, ऊंट-घोड़े और सजे वाहनों ने बढ़ाई रौनक; बड़ी संख्या में लोगों ने की शिरकत
शमसाबाद/आगरा। कस्बा शमसाबाद में ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब का जन्मदिन श्रद्धा, उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कस्बे में जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। जुलूस में ऊंट, घोड़े और विभिन्न वाहन भी शामिल रहे, जिससे पूरे आयोजन की रौनक देखते ही बनी।
जुलूस की शुरुआत दरगाह ग्राउंड से हुई। इसके बाद जुलूस कस्बे के विभिन्न प्रमुख मार्गों और मोहल्लों से होते हुए पुनः दरगाह ग्राउंड पहुंचकर संपन्न हुआ।
दरगाह ग्राउंड से शुरू हुआ जुलूस-ए-मोहम्मदी
ईद मिलादुन्नबी को लेकर सुबह से ही कस्बे में उत्साह का माहौल रहा। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जुलूस-ए-मोहम्मदी दरगाह ग्राउंड से शुरू हुआ। जुलूस आगे बढ़ने के साथ बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते गए।
जुलूस मोहल्ला टोला, हरसाय खिड़की, फतेहाबाद रोड, थाना चौराहा और गांधी चौराहा सहित कस्बे के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरा। इसके बाद जुलूस वापस दरगाह ग्राउंड पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ।
ऊंट-घोड़ों और वाहनों ने बढ़ाई जुलूस की रौनक
जुलूस-ए-मोहम्मदी में ऊंट और घोड़ों के साथ कई वाहन भी शामिल किए गए थे। विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए जुलूस ने कस्बे में उत्सवी माहौल बना दिया।
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकाले गए जुलूस के माध्यम से पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की शिक्षाओं और उनके अमन, इंसानियत तथा भाईचारे के संदेश को याद किया गया।
अमन और भाईचारे का दिया संदेश
ईद मिलादुन्नबी मुस्लिम समुदाय के लिए विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन, उनकी शिक्षाओं और मानवता के प्रति दिए गए संदेश को याद किया जाता है।
शमसाबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भी आपसी भाईचारे और सौहार्द की भावना देखने को मिली। जुलूस निर्धारित मार्गों से गुजरते हुए दरगाह ग्राउंड पर पहुंचकर संपन्न हुआ।
बड़ी संख्या में लोगों ने की शिरकत
जुलूस में कस्बे के लोगों ने उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजन में बबुआ खान, हाजी शब्बीर, अब्दुल मतीन, टिन्ना कुरैशी, गुड्डू कुरैशी, अंसार पहलवान, इमलाख अहमद, उजैफ सिद्दीकी, सोहिल खान, अल्फाराज खान, वसीम कुरैशी, अज्जू कुरैशी, हाजी कल्लू और दीवान जी सहित अनेक लोग शामिल रहे।
कस्बे के अलग-अलग हिस्सों से गुजरने के बाद जुलूस दरगाह ग्राउंड पहुंचा। यहां कार्यक्रम के समापन के साथ लोगों ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर पैगंबर साहब के बताए अमन, इंसानियत और भाईचारे के रास्ते पर चलने का संदेश दिया।