आगरा के शमसाबाद थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। कुतकपुर गांव में कूलर में उतरे करंट की चपेट में आने से पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। सबसे दुखद बात यह है कि इस हादसे में चार मासूम बच्चों के सिर से एक साथ मां-बाप का साया उठ गया।
जानकारी के अनुसार, मृतक जगदीश (40) पुत्र घीराम सिंह गांव में परचून की दुकान चलाते थे और खेती-बाड़ी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी पत्नी शशि (35) गृहिणी थीं। दोनों की शादी करीब 14 वर्ष पहले हुई थी। दंपति के चार बच्चे हैं, जिनमें दो बेटियां मोना (13) और सोना (10) तथा दो बेटे सूर्य (9) और हेमंत (7) शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि शनिवार रात रोजाना की तरह जगदीश अपनी दुकान बंद कर घर लौटे थे। परिवार के साथ भोजन करने के बाद पति-पत्नी अपने कमरे में सोने चले गए। कमरे में एक कूलर चल रहा था। देर रात अचानक बिजली बोर्ड से निकला एक तार संदूक पर गिर गया, जिससे पूरे कमरे में करंट फैल गया। कूलर में करंट उतरने से पति-पत्नी उसकी चपेट में आ गए और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।
रविवार सुबह काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर परिजनों को चिंता हुई। जब परिवार के लोग और ग्रामीण कमरे के अंदर पहुंचे तो पति-पत्नी अचेत अवस्था में पड़े मिले। पास जाकर देखने पर दोनों की मौत हो चुकी थी। यह दृश्य देखकर परिवार में कोहराम मच गया और गांव में अफरा-तफरी फैल गई।
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। शशि के मायके पक्ष को भी हादसे की सूचना दी गई, जिसके बाद उनके परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चारों बच्चों को इस दर्दनाक माहौल से दूर रखने के लिए ननिहाल भेज दिया गया।
सूचना मिलने पर शमसाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह कूलर में उतरा करंट माना जा रहा है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर घरों में इस्तेमाल होने वाले बिजली उपकरणों की सुरक्षा और नियमित जांच की आवश्यकता को उजागर कर दिया है। गांव में हर कोई इस घटना से स्तब्ध है और मृतक दंपति के बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जता रहा है।