उत्तर प्रदेश के Agra में लखनऊ अग्निकांड के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिले भर में कोचिंग संस्थानों की जांच तेज कर दी गई है। इसी क्रम में शमसाबाद क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने सघन निरीक्षण अभियान चलाया।
जानकारी के अनुसार, शमसाबाद में ACP Rajeev Ranjan के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ कई कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान संस्थानों में फायर सेफ्टी से जुड़े इंतजामों की बारीकी से जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान फायर सेफ्टी उपकरण, अग्निशमन सिलेंडर, आपातकालीन निकास मार्ग (Emergency Exit), विद्युत वायरिंग और सुरक्षा मानकों का गहन परीक्षण किया गया। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि किसी भी आपात स्थिति में छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा से समझौता न हो।
जांच के दौरान कई कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन अधूरा या लापरवाहीपूर्ण पाया गया। कुछ जगहों पर अग्निशमन सिलेंडरों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली, जबकि कई संस्थानों में सुरक्षा इंतजाम निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
प्रशासन ने ऐसे संस्थानों की व्यवस्थाओं को गंभीरता से लिया है। जिन स्थानों पर खामियां मिली हैं, वहां नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि कोचिंग संस्थानों में बड़ी संख्या में छात्र पढ़ाई के लिए आते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लखनऊ अग्निकांड के बाद आगरा में चलाया जा रहा यह अभियान स्पष्ट संकेत देता है कि प्रशासन सुरक्षा मानकों को लेकर अब और अधिक सख्त रुख अपनाने जा रहा है। अधिकारियों ने यह भी कहा है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और सभी कोचिंग संस्थानों की नियमित जांच की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद कोचिंग संचालकों में भी हलचल देखी जा रही है। अब सभी संस्थानों पर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने का दबाव बढ़ गया है।