शमशाबाद/आगरा। शमशाबाद क्षेत्र के गांव बड़ोबरा कला में डेंगू और बुखार के बढ़ते मामलों ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के मुताबिक गांव में दो बच्चों की मौत हुई है, जबकि करीब दो दर्जन मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि गांव में करीब 100 लोग बुखार से पीड़ित हैं।
एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने की जानकारी से गांव में चिंता का माहौल है। हालांकि दो बच्चों की मौत डेंगू से ही हुई है या किसी अन्य बीमारी से, इसकी आधिकारिक चिकित्सकीय पुष्टि होना अभी आवश्यक है।
दो बच्चों की मौत के बाद गांव में चिंता
ग्रामीणों के मुताबिक पिछले कुछ समय से गांव में बुखार के मरीज लगातार सामने आ रहे हैं। इसी बीच दो बच्चों की मौत होने की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीणों में डेंगू को लेकर भय बढ़ गया है।
मृत बच्चों की जांच रिपोर्ट और मौत के चिकित्सकीय कारणों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनकी मौत डेंगू के कारण हुई या किसी अन्य बीमारी से।
दो दर्जन मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती
स्थानीय लोगों का दावा है कि बुखार से पीड़ित करीब दो दर्जन मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कुछ मरीजों की जांच और उपचार स्थानीय स्तर पर भी कराया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव के कई घरों में एक या एक से अधिक सदस्य बुखार से पीड़ित हैं।
करीब 100 लोगों के बुखार की चपेट में होने का दावा
गांव में करीब 100 लोगों के बुखार से पीड़ित होने की बात सामने आ रही है। यदि यह संख्या स्वास्थ्य विभाग की जांच में पुष्ट होती है तो गांव में बड़े स्तर पर स्वास्थ्य जांच और निगरानी की आवश्यकता हो सकती है।
ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में विशेष चिकित्सा शिविर लगाकर बुखार से पीड़ित लोगों की जांच कराने की मांग की है।
फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव की मांग
स्थानीय लोगों ने गांव में साफ-सफाई के साथ फॉगिंग और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराने तथा जलभराव वाले स्थानों पर विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
साथ ही बुखार से पीड़ित लोगों की डेंगू, मलेरिया और अन्य संभावित बीमारियों की जांच कराने की मांग की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल गांव में डेंगू के पुष्ट मरीजों की संख्या, अस्पतालों में भर्ती मरीजों की वास्तविक संख्या और दोनों बच्चों की मौत के कारण को लेकर स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद ही गांव में डेंगू संक्रमण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।