आगरा (ब्यूरो)। कमिश्नरेट आगरा पुलिस ने चोरी और नकबजनी की वारदातों पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक अंतरराज्यीय चोरी एवं नकबजनी गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। संयुक्त कार्रवाई में थाना बासौनी पुलिस, थाना बाह पुलिस और सर्विलांस सेल (पूर्वी जोन) की टीम ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर दोनों आरोपियों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के आभूषण, नकदी तथा अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। वहीं गिरोह का सरगना और अन्य साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिले में चोरी, लूट, नकबजनी और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत 13 जुलाई 2026 की रात करीब 11:15 बजे थाना बासौनी और थाना बाह पुलिस की संयुक्त टीम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि अंतरराज्यीय चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य झाऊलालपुरा के पास मौजूद हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दो संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान विनोद गुर्जर और संदीप गुर्जर के रूप में हुई। पुलिस के पहुंचते ही गिरोह का सरगना और उसके अन्य साथी अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से फरार हो गए।
गिरफ्तार आरोपियों की तलाशी लेने पर पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी का बड़ी मात्रा में सामान बरामद किया। बरामदगी में सोने के पांच आभूषण, जिनमें मंगलसूत्र, अंगूठी और झुमकी शामिल हैं, जबकि चांदी के 50 आभूषण एवं सिक्के, जिनमें पायल, बिछिया और अन्य चांदी के सामान शामिल हैं। इसके अलावा 32,500 रुपये नकद भी बरामद हुए हैं, जो प्रारंभिक जांच के अनुसार चोरी का सामान बेचकर प्राप्त किए गए थे।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो अवैध देशी तमंचे (.315 बोर) और तीन जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं। बरामद हथियारों को कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। आशंका है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों में भी चोरी और नकबजनी की कई घटनाओं में शामिल रहा है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों, चोरी के नेटवर्क और चोरी के माल की खरीद-फरोख्त करने वालों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित मुकदमों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की प्रासंगिक धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत भी कार्रवाई की गई है। मेडिकल परीक्षण के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने की कार्रवाई की गई।
कमिश्नरेट पुलिस का कहना है कि फरार सरगना और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।