आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा से सामने आया एक वीडियो ग्रामीण क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं की कमी की गंभीर तस्वीर दिखा रहा है। पिनाहट क्षेत्र के सुखलालपुरा गांव में उटंगन नदी पर पुल नहीं होने के कारण एक महिला को प्रसव के बाद अपने नवजात बच्चे के साथ टायर की बड़ी ट्यूब पर रखी चारपाई के सहारे नदी पार कर घर लौटना पड़ा। स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक, प्रसव पीड़ा होने पर महिला को इसी तरीके से नदी पार कर अस्पताल पहुंचाया गया था। अस्पताल में बेटे को जन्म देने के बाद वापसी में भी यही जोखिम भरा रास्ता अपनाना पड़ा।
ट्यूब पर चारपाई रखकर पार कराई उटंगन नदी
जानकारी के मुताबिक, सुखलालपुरा निवासी रग्गी कुमार की पत्नी केशवती को बुधवार रात करीब दो बजे प्रसव पीड़ा हुई। नदी पर पुल नहीं होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी। इसके बाद परिजनों ने बड़ी ट्यूब के ऊपर चारपाई रखी और महिला को उस पर लिटाकर नदी पार कराई। महिला को फतेहाबाद अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने बेटे को जन्म दिया।
अगली सुबह अस्पताल से लौटते समय स्थिति फिर वही थी। नवजात को साथ लेकर महिला को चारपाई और ट्यूब के सहारे नदी पार कर गांव वापस लाया गया। इस दौरान बनाया गया वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया।
खाली पानी की बोतल को बनाया ‘माइक’, गांव की महिलाओं ने दिखाई परेशानी
इस पूरे घटनाक्रम का एक मार्मिक पहलू ग्रामीण महिलाओं द्वारा समस्या को सामने लाने का तरीका भी है। वीडियो बनाने के दौरान उनके पास माइक जैसे संसाधन नहीं थे तो पानी की खाली बोतल को ही माइक का रूप देकर गांव की परेशानी बताने की कोशिश की गई।
ग्रामीण महिलाओं का उद्देश्य किसी पेशेवर रिपोर्टिंग का प्रदर्शन करना नहीं, बल्कि अपने गांव की समस्या को जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाना था। नदी पार करती मां और नवजात की तस्वीर ने गांव की कनेक्टिविटी की समस्या को प्रत्यक्ष रूप से सामने ला दिया।
करीब एक हजार आबादी के गांव में पक्के रास्ते और पुल की समस्या
स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, जंगल के बीच बसे सुखलालपुरा गांव की आबादी करीब एक हजार बताई जाती है। गांव से बाहर निकलने के लिए पक्के मार्ग की समस्या है और उटंगन नदी पर पुल नहीं होने से बरसात के दिनों में ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों को कई बार ट्यूब के सहारे नदी पार करनी पड़ती है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से नदी पर पुल निर्माण की मांग उठा रहे हैं। करीब तीन महीने पहले नदी किनारे धरना देकर पुल निर्माण, रेलवे अंडरपास और गांव तक पक्का रास्ता बनाने की मांग भी की गई थी।
मां और नवजात की तस्वीर ने खड़े किए सवाल
नवजात बच्चे के साथ चारपाई पर बैठी या लेटी मां और नीचे लगी ट्यूब के सहारे नदी पार करने का दृश्य ग्रामीण बुनियादी ढांचे को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासकर चिकित्सा आपातकाल में सड़क और पुल जैसी सुविधाओं का अभाव मरीजों के लिए बड़ा जोखिम बन सकता है।
इस वीडियो के माध्यम से ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों तक अपनी मांग पहुंचाने का प्रयास किया है कि उटंगन नदी पर सुरक्षित आवागमन की स्थायी व्यवस्था और पुल निर्माण की दिशा में कार्रवाई की जाए।