आगरा। आगरा-फिरोजाबाद रोड स्थित रामबाग क्षेत्र में मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की कथित लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। नवीन गल्ला मंडी के सामने खुले नाले में एक व्यक्ति के गिर जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए नाराजगी जताई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मेट्रो निर्माण कार्य के चलते सड़क किनारे नाला लंबे समय से खुला पड़ा हुआ है। आरोप है कि नाले के आसपास पर्याप्त सुरक्षा बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर या प्रकाश व्यवस्था नहीं की गई थी। इसी दौरान वहां से गुजर रहा एक व्यक्ति अचानक संतुलन खो बैठा और सीधे खुले नाले में जा गिरा। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उसे बाहर निकालने का प्रयास किया और घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान खुले गड्ढों और नालों के कारण कई छोटे-बड़े हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि निर्माण एजेंसी द्वारा आम नागरिकों की सुरक्षा को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
रामबाग और आगरा-फिरोजाबाद रोड शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल हैं, जहां प्रतिदिन हजारों वाहन और राहगीर आवागमन करते हैं। ऐसे में खुले नाले और अधूरे सुरक्षा इंतजाम किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों ने मांग की है कि निर्माण स्थलों पर मजबूत बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक, पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो भविष्य में और भी गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने प्रशासन और मेट्रो परियोजना से जुड़े अधिकारियों से तत्काल निरीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है।
हालांकि, इस मामले में संबंधित विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। प्रशासन से अपेक्षा की जा रही है कि घटना की जांच कराई जाएगी और यदि सुरक्षा मानकों में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी मांग की है कि जब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं हो जाता, तब तक सभी निर्माण स्थलों पर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए, ताकि आम जनता की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।