आगरा। आलू और सरसों की बुआई से पहले किसानों के लिए सतर्क करने वाली खबर सामने आई है। खेरागढ़ क्षेत्र में राजस्थान से कथित तौर पर संदिग्ध उर्वरक लाकर नामी कंपनी के DAP के खाली कट्टों में पैक करने के खेल का खुलासा हुआ है। कृषि विभाग, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने जगनेर रोड पर दो वाहनों को पकड़कर 79 बैग संदिग्ध उर्वरक, इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) के DAP के 249 खाली बैग और पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है।
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार के मुताबिक खाद के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। लैब रिपोर्ट के बाद ही उर्वरक की वास्तविक गुणवत्ता और प्रकृति की पुष्टि हो सकेगी। मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पिकअप में मिले संदिग्ध खाद के 79 बैग
जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार के अनुसार कृषि विभाग की टीम ने राजस्व और पुलिस के साथ खेरागढ़ क्षेत्र में जगनेर रोड पर कार्रवाई करते हुए दो वाहनों को पकड़ा।
एक बोलेरो पिकअप से 79 बैग संदिग्ध उर्वरक बरामद किया गया। पिकअप चालक कथित तौर पर उसमें भरे उर्वरक से संबंधित आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
टीम ने मौके से मलपुरा क्षेत्र के नगला मकरौल निवासी मोनू और रोहता निवासी सूरज को हिरासत में लिया।
दूसरी गाड़ी में मिले IPL के 249 खाली DAP बैग
कार्रवाई के दौरान दूसरी ईको कार की तलाशी में अधिकारियों को ऐसा सामान मिला, जिसने मामले को और संदिग्ध बना दिया।
कार से इंडियन पोटाश लिमिटेड (IPL) के DAP के 249 खाली बैग, दो सिलाई मशीन, 28 बंडल धागा, दो बैटरी और एक इन्वर्टर बरामद होने की जानकारी दी गई है।
अधिकारियों को आशंका है कि संदिग्ध उर्वरक को ब्रांडेड कंपनी के खाली कट्टों में भरकर पैक करने के लिए इस सामान का इस्तेमाल किया जाना था। इसकी पूरी पुष्टि जांच के बाद होगी।
राजस्थान से उर्वरक लाने की बात आई सामने
अधिकारियों के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में संदिग्ध उर्वरक राजस्थान की ओर से लाए जाने की बात सामने आई है। पूछताछ में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आने का दावा किया गया है।
कृषि विभाग और पुलिस अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह नेटवर्क कितना बड़ा है, खाद कहां से लाई जा रही थी और इसकी सप्लाई किन क्षेत्रों एवं दुकानदारों तक की जानी थी।
आलू की बुआई से पहले किसानों को सतर्क रहने की जरूरत
आगरा में बड़े पैमाने पर आलू की खेती होती है और बुआई के समय DAP समेत अन्य उर्वरकों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में किसानों को खाद खरीदते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
किसान खाद खरीदते समय अधिकृत विक्रेता को प्राथमिकता दें, पक्का बिल लें, पैकेट की सील और प्रिंटिंग जांचें तथा असामान्य रूप से कम कीमत पर मिलने वाले उर्वरक से सावधान रहें। खाद की गुणवत्ता पर संदेह होने पर कृषि विभाग को इसकी जानकारी दी जा सकती है।
नमूनों की रिपोर्ट से साफ होगा खाद असली या नकली
बरामद उर्वरक के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इसलिए फिलहाल बरामद खाद को निश्चित रूप से 'नकली' कहना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
लैब रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि बैगों में मिला उर्वरक निर्धारित मानकों के अनुरूप था या उसमें किसी प्रकार की मिलावट अथवा गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ी थी।
संयुक्त टीम ने की कार्रवाई
कार्रवाई करने वाली टीम में अपर जिला कृषि अधिकारी गुफरान अहमद, नायब तहसीलदार अनुज दीक्षित, खेरागढ़ थाना प्रभारी और कृषि विभाग, राजस्व व पुलिस विभाग के अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
मामले में पुलिस और कृषि विभाग अब सप्लाई नेटवर्क तथा पूछताछ में सामने आए अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच कर रहे हैं।
नोट: बरामद उर्वरक को जांच रिपोर्ट आने तक संदिग्ध माना जा रहा है। नकली खाद होने की अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच एवं विभागीय कार्रवाई के बाद ही होगी। नामजद अथवा पूछताछ में सामने आए व्यक्तियों की भूमिका भी जांच का विषय है।