आगरा। सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्राओं के बीच आगरा में एक अनोखी कांवड़ यात्रा चर्चा का विषय बनी हुई है। आगरा के कुछ श्रद्धालु समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को वर्ष 2027 में दोबारा उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने की मनोकामना लेकर 121 किलोग्राम की कांवड़ के साथ करीब 160 किलोमीटर की पैदल यात्रा कर रहे हैं।
श्रद्धालु अलीगढ़ क्षेत्र के कछला घाट से गंगाजल लेकर आगरा के लिए निकले हैं। शनिवार को कांवड़ यात्रा आगरा की रामबाग सीमा में पहुंची। यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का कहना है कि सावन के सोमवार को भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर वे अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करेंगे।
कुआंखेड़ा के रिशु और सौरभ सहित कई साथी यात्रा में शामिल
इस विशेष कांवड़ यात्रा में आगरा के ग्राम कुआंखेड़ा निवासी रिशु और सौरभ प्रमुख रूप से शामिल हैं। उनके साथ कई अन्य युवा साथी भी पैदल यात्रा कर रहे हैं। श्रद्धालुओं ने लगभग 160 किलोमीटर की यात्रा के लिए 121 किलोग्राम की भारी कांवड़ तैयार की है।
लंबी दूरी और भारी कांवड़ होने के बावजूद श्रद्धालुओं में उत्साह दिखाई दे रहा है। यात्रा के आगरा पहुंचने के बाद लोगों के बीच इसकी चर्चा तेज हो गई।
2027 में अखिलेश यादव की वापसी के लिए भोलेनाथ से प्रार्थना
यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के अनुसार, उनकी मनोकामना है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के बाद अखिलेश यादव एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें। इसी कामना के साथ वे भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए कांवड़ लेकर निकले हैं।
श्रद्धालुओं का कहना है कि वे बाबा भोलेनाथ के दरबार में अपनी मनोकामना रखेंगे और अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री पद पर लौटने की प्रार्थना करेंगे।
कांवड़ पर अखिलेश यादव के बैनर, साथ में तिरंगा
इस कांवड़ यात्रा की एक और खास बात इसकी सजावट है। 121 किलो की कांवड़ के दोनों ओर अखिलेश यादव से जुड़े बैनर लगाए गए हैं। इसके साथ ही भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा भी दिखाई दे रहा है। यात्रा में शामिल कुछ युवा समाजवादी पार्टी के झंडे लेकर साथ चल रहे हैं।
राजनीतिक मनोकामना के साथ निकाली जा रही इस धार्मिक यात्रा को देखने के लिए रास्ते में लोगों का ध्यान भी आकर्षित हो रहा है।
सावन के सोमवार को करेंगे भगवान शिव का जलाभिषेक
कछला घाट से आगरा तक करीब 160 किलोमीटर की पैदल यात्रा पूरी करने के बाद श्रद्धालु सावन के सोमवार को भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेंगे। इसी दौरान वे अपनी मनोकामना भगवान शिव के समक्ष रखेंगे।
121 किलो की भारी कांवड़, लगभग 160 किलोमीटर की पैदल यात्रा और अखिलेश यादव को 2027 में मुख्यमंत्री बनाने की कामना के कारण यह कांवड़ यात्रा आगरा में चर्चा का विषय बनी हुई है।
नोट: अखिलेश यादव को 2027 में मुख्यमंत्री बनाने की बात यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं की व्यक्तिगत राजनीतिक मनोकामना है।