आगरा। कमला नगर क्षेत्र में कारोबारी के साथ हुई लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों तक पहुंचने में घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तथा तकनीकी जांच अहम साबित हुई। पुलिस के मुताबिक, बदमाशों ने कारोबारी का रावतपाड़ा क्षेत्र से पीछा किया था और घर के पास गली में मौका पाकर उसे लूट का निशाना बनाया।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई रकम में से 1.02 लाख रुपये, दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक को भी पुलिस ने कब्जे में लिया है।
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों द्वारा कर्ज के बोझ के चलते लूट की साजिश रचने की बात सामने आने का दावा किया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने से लेकर आगरा से मथुरा तक जांच का दायरा बढ़ाया और आखिरकार तीन आरोपियों तक पहुंच गई।
मनकामेश्वर मंदिर के पास दुकान बंद कर घर निकला था कारोबारी
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित कारोबारी की दुकान श्री मनकामेश्वर मंदिर के पास है। कारोबारी दुकान बंद करने के बाद अपने घर के लिए निकला था।
इसी दौरान कथित तौर पर आरोपियों ने रावतपाड़ा क्षेत्र से कारोबारी का पीछा करना शुरू कर दिया। आरोपियों की नजर कारोबारी के पास मौजूद रकम पर थी। पुलिस जांच में सामने आया कि बदमाश सही मौके की तलाश में लगातार उसके पीछे चलते रहे।
कारोबारी जब अपने घर के नजदीक गली में पहुंचा तो आरोपियों ने उसे निशाना बनाकर लूट की वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए।
मास्क और कैप लगाकर पहुंचे थे बदमाश
वारदात के बाद पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती आरोपियों की पहचान करना थी। बताया जा रहा है कि घटना को अंजाम देने वाले बदमाशों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए मास्क और कैप लगा रखी थी।
इस कारण शुरुआती सीसीटीवी फुटेज में चेहरों के आधार पर उनकी पहचान करना आसान नहीं था। पुलिस ने इसके बाद घटनास्थल के अलावा उन संभावित रास्तों के सीसीटीवी कैमरे खंगालने शुरू किए, जिन रास्तों से बदमाश आए या फरार हुए थे।
पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों से मिली फुटेज को आपस में जोड़कर आरोपियों की गतिविधियों और उनके वाहन से संबंधित सुराग तलाशने शुरू किए।
CCTV में दिखी बाइक बनी पुलिस के लिए अहम सुराग
जांच के दौरान सीसीटीवी कैमरों में दिखाई दी एक बाइक पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई। चेहरे स्पष्ट न होने के कारण पुलिस ने बाइक की पहचान पर अपना ध्यान केंद्रित किया।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सुरागों की मदद से पुलिस बाइक से जुड़ी जानकारी जुटाते हुए संदिग्धों तक पहुंचने में सफल हुई।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, लूटकांड की अलग-अलग कड़ियां जुड़ती चली गईं। पुलिस ने संदिग्धों की गतिविधियों और अन्य तकनीकी जानकारियों का मिलान किया।
आगरा से मथुरा तक पहुंची पुलिस की जांच
कमला नगर लूटकांड की जांच केवल घटनास्थल और आसपास के इलाकों तक सीमित नहीं रही। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने अपनी पड़ताल आगरा से मथुरा तक बढ़ाई।
सीसीटीवी फुटेज से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस संदिग्ध बाइक और उससे जुड़े लोगों की जानकारी जुटाती रही। तकनीकी जांच के जरिए भी संदिग्धों की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया गया।
लगातार पड़ताल के बाद पुलिस तीन आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
दो संदिग्ध कपड़ा कारोबारियों से पूछताछ के बाद जुड़ी कड़ी
पुलिस की जांच के दौरान दो संदिग्ध कपड़ा कारोबारियों से पूछताछ किए जाने की बात भी सामने आई है। इस पूछताछ के बाद पुलिस को मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण कड़ी मिलने का दावा किया गया है।
इसके बाद पुलिस ने उपलब्ध जानकारियों और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए जांच आगे बढ़ाई। आखिरकार पुलिस तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल रही।
पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात की योजना कब और किस तरह तैयार की गई और कारोबारी के पास रकम होने की जानकारी आरोपियों तक कैसे पहुंची।
कर्ज के बोझ में रची लूट की साजिश?
पुलिस पूछताछ में लूट की कथित वजह भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कर्ज के बोझ के कारण लूट की साजिश रचने की बात बताई है।
पुलिस आरोपियों के इस बयान और पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या कारोबारी को पहले से निशाना बनाया गया था और आरोपियों को उसकी दिनचर्या की जानकारी कैसे मिली।
कारोबारी का रावतपाड़ा से घर तक पीछा किए जाने की बात से पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि वारदात कितनी पहले से योजनाबद्ध थी।
₹1.02 लाख नकद और दो मोबाइल बरामद
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों से लूटी गई रकम में से 1 लाख 2 हजार रुपये बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक को भी कब्जे में ले लिया है। यही बाइक जांच के दौरान पुलिस के लिए आरोपियों तक पहुंचने का महत्वपूर्ण जरिया बनी थी।
अब पुलिस बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों को मामले की जांच से जोड़ रही है।
पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देशन में कार्रवाई
कमला नगर लूटकांड के खुलासे के लिए पुलिस की अलग-अलग स्तर पर जांच चली। पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार के निर्देशन में मामले की जांच आगे बढ़ाई गई।
थाना प्रभारी पवन सैनी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सुरागों पर काम करते हुए आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
पुलिस के सामने चुनौती यह थी कि वारदात के दौरान आरोपी कथित तौर पर मास्क और कैप पहने हुए थे। इसके बावजूद अलग-अलग स्थानों से जुटाई गई सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दी बाइक और अन्य तकनीकी सुरागों को जोड़कर जांच आगे बढ़ाई गई।
CCTV की एक कड़ी से खुलती गई पूरी वारदात
इस मामले में सीसीटीवी कैमरों की भूमिका बेहद अहम रही। आधुनिक पुलिसिंग में सीसीटीवी नेटवर्क और तकनीकी जांच किस तरह अपराधियों तक पहुंचने में मदद कर सकती है, कमला नगर लूटकांड की जांच इसका एक उदाहरण बनकर सामने आई है।
घटनास्थल से लेकर संदिग्धों के संभावित रास्तों तक की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने बाइक की पहचान की। इसके बाद तकनीकी जांच और संदिग्धों से पूछताछ के जरिए मामले की कड़ियां जोड़ते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर वारदात से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।
नोट: खबर पुलिस द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर तैयार की गई है। गिरफ्तार व्यक्तियों पर लगे आरोप न्यायालय में सिद्ध होने तक उन्हें दोषी नहीं माना जा सकता।