खाद्य विभाग के टेंडर मामले में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच की मांग, आंदोलन की चेतावनी
संभागीय वरिष्ठ अधिकारी सत्यपाल सिंह तोमर को अवतार सिंह गिल की खुली चेतावनी—दो दिन में सुनवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन
आगरा। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग में टेंडर प्रक्रिया को लेकर लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए हिंदूवादी नेता अवतार सिंह गिल, प्रदेश प्रवक्ता अखिल भारत हिंदू महासभा, अपने साथियों के साथ बुधवार को संबंधित कार्यालय पहुंचे। उन्होंने संभागीय वरिष्ठ अधिकारी खाद्य विभाग, आगरा सत्यपाल सिंह तोमर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
अवतार सिंह गिल का आरोप है कि उनके द्वारा समय-समय पर विभागीय अधिकारियों, संबंधित अधिकारियों एवं प्रशासन के समक्ष टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं, मिलीभगत, पारदर्शिता के अभाव और सरकारी धन को संभावित क्षति की शिकायतें की जाती रही हैं। इसके बावजूद शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
ज्ञापन में 30 मार्च 2026 को हुए विशेष/सिंगल स्टेज टेंडरों को लेकर विशेष जांच की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोपों की जांच तकनीकी रिकॉर्ड, टेंडर पोर्टल, IP Address, लॉगिन रिकॉर्ड, कंप्यूटर सिस्टम, ई-मेल/लॉगिन रिकॉर्ड, टेंडर दस्तावेज, तकनीकी एवं फाइनेंशियल बिड, नोटशीट तथा Negotiation की पूरी कार्यवाही के आधार पर कराने की मांग की है।
ज्ञापन में प्रमुख 9 मांगें
1. समान IP Address की जांच
मैनपुरी, फिरोजाबाद सहित अन्य जिलों से डाले गए टेंडरों में समान IP Address पाए जाने की शिकायत की जांच की जाए। संबंधित टेंडरों के IP Address, लॉगिन विवरण, सिस्टम लॉग एवं अन्य तकनीकी रिकॉर्ड की जांच कराई जाए।
2. विभागीय कार्यालयों के कंप्यूटर से टेंडर डालने की जांच मथुरा, आगरा के फतेहपुर सीकरी एवं बाह केंद्र आदि से संबंधित टेंडरों में विभागीय कार्यालयों के कंप्यूटर से टेंडर डाले जाने के आरोपों की जांच की जाए तथा IP Address, लॉगिन हिस्ट्री और टेंडर पोर्टल के तकनीकी रिकॉर्ड का परीक्षण कराया जाए।
3. फिरोजाबाद के ब्लॉक शिकोहाबाद में कथित रूप से अयोग्य टेंडर की जांच तकनीकी रूप से अयोग्य बताए जा रहे टेंडर को पास किए जाने की शिकायत की तकनीकी एवं दस्तावेजी जांच कराई जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि नियमों के अनुसार संबंधित फर्म को पात्र घोषित किया गया था या नहीं।
4. बांके बिहारी एंटरप्राइजेज के संबंध में जांच तकनीकी दस्तावेज/योग्यता पूरी नहीं होने के बावजूद टेंडर स्वीकृत किए जाने की शिकायत की जांच कराई जाए तथा संबंधित फर्म की पात्रता और टेंडर कमेटी द्वारा लिए गए निर्णय का स्वतंत्र परीक्षण कराया जाए।
5. मैनपुरी, मथुरा एवं फिरोजाबाद में कथित मिलीभगत से टेंडर डलवाने की जांच शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ बाबुओं के माध्यम से कथित रूप से ठेकेदारों से संपर्क कर मनमाने तरीके से टेंडर डलवाए जाने की शिकायत है। संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों एवं ठेकेदारों के बीच हुई संचार/तकनीकी गतिविधियों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
6. पूर्व टेंडर दरों से अधिक दर एवं सरकारी धन की संभावित क्षति की जांच
मैनपुरी, फिरोजाबाद एवं मथुरा के कुछ ठेकेदारों द्वारा वर्ष 2024 की तुलना में अधिक दरों पर टेंडर प्रस्तुत किए जाने तथा सरकारी धन को संभावित आर्थिक नुकसान की शिकायत की जांच की जाए। साथ ही टेंडर शर्तों के नाम पर कथित रूप से ₹2 लाख अथवा अन्य राशि लिए जाने के आरोपों की भी जांच हो।
7. शिकायत के बाद टेंडर स्वीकृति एवं Negotiation की जांच पूर्व में शिकायतें प्राप्त होने के बावजूद कुछ टेंडरों को आगे बढ़ाने और Negotiation के दौरान अधिक दरों को स्वीकार किए जाने की शिकायत की जांच की जाए। संबंधित टेंडर फाइल, नोटशीट, कमेटी की कार्यवाही, Negotiation रिकॉर्ड एवं स्वीकृति आदेश की जांच कराई जाए।
8. SRO दरों से संबंधित शिकायत की जांच
मैनपुरी, फिरोजाबाद एवं मथुरा के ठेकेदारों को कथित रूप से SRO दर से लगभग 28 से 32 प्रतिशत तक समान/मिलती-जुलती दरों पर टेंडर दिए जाने की शिकायत की तुलनात्मक जांच कराई जाए और यह पता लगाया जाए कि दरों में किसी प्रकार की पूर्व सहमति या मिलीभगत की संभावना थी या नहीं।
9. अधिकारियों, कर्मचारियों एवं संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच टेंडर प्रक्रिया में अधिकारियों/कर्मचारियों तथा संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच की जाए। संबंधित अधिकारियों, बाबुओं एवं ठेकेदारों के बीच हुई बातचीत, टेंडर रिकॉर्ड, IP Address, लॉगिन रिकॉर्ड एवं उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की जांच के लिए स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट कराया जाए।
दो दिन में कार्रवाई नहीं तो आंदोलन की चेतावनी
अवतार सिंह गिल ने कहा कि शनिवार तक यदि उनकी शिकायत पर निष्पक्ष जांच शुरू नहीं की गई और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच नहीं हुई तो वह अपने साथियों के साथ धरना-प्रदर्शन और पुतला दहन करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी निर्दोष व्यक्ति को निशाना बनाना नहीं, बल्कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित कराना और यदि सरकारी धन को नुकसान पहुंचा है तो उसकी जिम्मेदारी तय कराना है।
अवतार सिंह गिल ने संभागीय वरिष्ठ अधिकारी खाद्य विभाग आगरा सत्यपाल सिंह तोमर से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए किसी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष अधिकारी/समिति से जांच कराई जाए। जांच पूरी होने तक आवश्यकता पड़ने पर संबंधित टेंडरों की प्रक्रिया/स्वीकृति पर नियमानुसार रोक या पुनः परीक्षण पर भी विचार किया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी, ठेकेदार या अन्य व्यक्ति की भूमिका नियम विरुद्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए और यदि सरकारी धन की क्षति हुई है तो उसकी वसूली की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए
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