आगरा (उत्तर प्रदेश)।
आगरा में दहेज प्रताड़ना और गर्भपात से जुड़े एक मामले में अदालत ने पति नन्दित बंसल, सास मीनू और ससुर गोविन्द बंसल की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। मामले में विवाहिता की ओर से अतिरिक्त दहेज के रूप में ₹21 लाख और वाहन की मांग किए जाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शादी के तीन महीने बाद मारपीट और गर्भपात का आरोप
मामले में शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि शादी के करीब तीन महीने बाद विवाहिता के साथ दहेज को लेकर मारपीट और प्रताड़ना की गई। इसी दौरान गर्भपात होने का भी आरोप लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत के समक्ष मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। सुनवाई के दौरान मेडिकल रिपोर्ट और डॉक्टरों के बयानों को भी महत्वपूर्ण आधार माना गया।
कोर्ट ने तीनों की जमानत याचिका की निरस्त
अदालत ने मामले की परिस्थितियों, उपलब्ध मेडिकल साक्ष्यों और बयानों पर विचार करने के बाद पति नन्दित बंसल, सास मीनू और ससुर गोविन्द बंसल को जमानत देने से इनकार कर दिया।
अदालत ने मामले की गंभीरता पर टिप्पणी करते हुए कथित अपराध को महिला की गरिमा के प्रतिकूल माना और तीनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं निरस्त कर दीं।
हैदराबाद से गिरफ्तार कर आगरा लाई थी पुलिस
मामले में तीनों आरोपियों को पुलिस ने 29 जुलाई 2026 को हैदराबाद से गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें आगरा लाया गया और आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।
फिलहाल मामला न्यायिक प्रक्रिया में है। आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगी।