आगरा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए), आगरा और डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा ने राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर), आगरा में निवासरत किशोरों के सर्वांगीण विकास, शिक्षा, कौशल विकास और पुनर्वास को लेकर एक महत्वपूर्ण संयुक्त पहल की है। इसी उद्देश्य से सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें किशोरों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कई अहम बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की अध्यक्षता श्री पंकज कुमार-I, सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आगरा ने की। बैठक का आयोजन डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय, आगरा की कुलपति प्रो. (श्रीमती) आशू रानी के विश्राम कक्ष में किया गया।
शिक्षा और पुनर्वास पर विशेष जोर
बैठक में राजकीय सम्प्रेक्षण गृह में रह रहे किशोरों के शैक्षिक, मानसिक, नैतिक, सामाजिक, भावनात्मक एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
सचिव श्री पंकज कुमार-I ने कहा कि यदि किशोरों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है तो उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावसायिक प्रशिक्षण, विधिक जागरूकता, जीवन कौशल, व्यक्तित्व विकास, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों तथा प्रेरणादायी कार्यक्रमों से जोड़ना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि किशोरों का पुनर्वास केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए समग्र विकास की दिशा में लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।
विश्वविद्यालय देगा हरसंभव सहयोग
बैठक के दौरान कुलपति प्रो. आशू रानी ने विश्वविद्यालय की ओर से सम्पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ, प्राध्यापक, शोधार्थी और विद्यार्थी समय-समय पर सम्प्रेक्षण गृह जाकर किशोरों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करेंगे।
इन कार्यक्रमों में—
- गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
- करियर काउंसलिंग
- व्यक्तित्व विकास
- मनोवैज्ञानिक परामर्श
- कौशल विकास प्रशिक्षण
- रोजगार उन्मुख मार्गदर्शन
- नैतिक शिक्षा
- सामाजिक जागरूकता
जैसी गतिविधियों को शामिल किया जाएगा, ताकि किशोर भविष्य में आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।
संयुक्त कार्ययोजना पर बनी सहमति
बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के बीच एक संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने पर भी सहमति बनी।
निर्णय लिया गया कि दोनों संस्थान मिलकर समय-समय पर राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर), आगरा में विभिन्न जनकल्याणकारी, शैक्षिक, विधिक एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किशोरों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें समाज में पुनर्स्थापित करने की दिशा में प्रभावी कार्य करना होगा।
किशोरों के भविष्य को मिलेगी नई दिशा
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि यदि शिक्षा, कौशल विकास और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए तो सम्प्रेक्षण गृह में रहने वाले किशोर भी भविष्य में समाज के जिम्मेदार और सफल नागरिक बन सकते हैं। डीएलएसए और विश्वविद्यालय की यह संयुक्त पहल उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।