आगरा। आवास विकास कॉलोनी के सेक्टर-10 में मकान में आग लगने से जान गंवाने वाले कोचिंग संचालक विनय बोस के परिजनों से पुलिस का संपर्क नहीं हो सका। करीब 72 घंटे तक इंतजार और परिजनों की तलाश के बाद बृहस्पतिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद परिजनों के नहीं पहुंचने पर नियमानुसार लावारिस के रूप में अंतिम संस्कार कराया गया। पहचान से संबंधित कपड़े और अन्य सामान सुरक्षित रखे गए हैं।
पुलिस अभी भी विनय बोस के परिजनों के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। इसके लिए एक टीम को लगाया गया है।
आवास विकास कॉलोनी में किराए पर रहते थे विनय बोस
जानकारी के मुताबिक, विनय बोस आगरा की आवास विकास कॉलोनी में किराए पर कमरा लेकर रहते थे और कोचिंग संचालन से जुड़े थे। बताया गया है कि उन्हें लकवे की समस्या थी। उनके भाई सुनील बोस भी उनके साथ रहते थे।
30 अगस्त को मकान से धुआं निकलता देखकर आसपास के लोगों को अनहोनी की आशंका हुई। पड़ोसियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
घर के अंदर मृत मिले विनय
सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घर में प्रवेश किया तो विनय बोस मृत अवस्था में मिले। आग की चपेट में आने के कारण उनकी मौत हो चुकी थी।
इस दौरान उनके भाई सुनील बोस वहां नहीं मिले। जानकारी के अनुसार, वह घटना से करीब दो दिन पहले ही वहां से चले गए थे। इसके बाद पुलिस ने विनय के परिवार और अन्य रिश्तेदारों से संपर्क करने के प्रयास शुरू किए।
आधार कार्ड पर मिला छत्तीसगढ़ का पता
पुलिस को विनय बोस के आधार कार्ड पर छत्तीसगढ़ का पता दर्ज मिला। इसी पते के आधार पर उनके परिजनों के बारे में जानकारी जुटाने और उनसे संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन तत्काल कोई संपर्क स्थापित नहीं हो सका।
करीब 72 घंटे तक परिजनों के आने का इंतजार किया गया। इसके बाद बृहस्पतिवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजन के नहीं मिलने पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई।
पोस्टमार्टम में जलने से मौत की बात
डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास के मुताबिक, पोस्टमार्टम में मृत्यु का कारण जलना सामने आया है। मृतक के परिजनों की जानकारी जुटाने के लिए एक टीम लगाई गई है।
पुलिस ने पहचान से संबंधित कपड़े और अन्य सामान सुरक्षित रखा है, ताकि परिजनों के बारे में जानकारी मिलने पर आगे की आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सके।
घटना के बाद अब पुलिस की कोशिश विनय बोस के परिवार तक पहुंचने की है।