आगरा के हरीपर्वत क्षेत्र में CM Grid परियोजना के तहत सड़क निर्माण कार्य विवादों में आ गया है। आरोप है कि सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (CEC) की अनिवार्य अनुमति लिए बिना कार्य शुरू कर दिया गया। खुदाई के दौरान 100 वर्ष से अधिक पुराना पीपल का पेड़ गिरने से हड़कंप मच गया।
ताज ट्रेपेजियम जोन (TTZ) के नियमों के अनुसार एक से 49 पेड़ों को काटने या ट्रांसलोकेट करने से पहले CEC की अनुमति आवश्यक होती है। नगर निगम का दावा है कि 25 फरवरी को वन विभाग को तीन पेड़ों के संबंध में पत्र भेजा गया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिलने पर कार्य आगे बढ़ाया गया।
वहीं, पर्यावरणविद डॉ. शरद गुप्ता ने पूरे मामले की शिकायत CEC से की है। डीएफओ राजेश कुमार ने स्पष्ट किया कि विभाग को इस संबंध में कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ और पेड़ों के ट्रांसलोकेशन की अनुमति वन विभाग नहीं बल्कि CEC से ली जाती है। मामले के सामने आने के बाद नगर निगम की कार्यशैली और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।