आगरा, 16 जुलाई 2026। आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी स्टेशन मैनेजर (DSM) नरेंद्र सिंह चाहर की पिटाई के मामले में जांच तेज हो गई है। मामले में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सीनियर कमांडेंट पी. राजमोहन को गुरुवार को प्रयागराज स्थित मुख्यालय तलब किया गया, जहां उन्होंने घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्य अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यालय स्तर पर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की जा रही है। इसी बीच मामले में पहले ही दो आरपीएफ सब-इंस्पेक्टरों को निलंबित किया जा चुका है, जबकि चार अन्य कर्मचारियों का गैर-जिलों में तबादला कर दिया गया है। रेलवे प्रशासन और आरपीएफ मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रहे हैं।
दूसरी ओर, विरोध प्रदर्शन के दौरान रेलवे ट्रैक बाधित करने के मामले में डीएसएम नरेंद्र सिंह चाहर तथा उनके परिवार के लगभग छह सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। जानकारी के अनुसार, रेलवे ट्रैक अवरुद्ध करने और रेल परिचालन प्रभावित करने के आरोप में संबंधित लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट पी. राजमोहन ने प्रयागराज मुख्यालय में घटना से जुड़े सभी उपलब्ध साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज तथा प्रारंभिक जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंप दी है। अब मुख्यालय स्तर पर इन साक्ष्यों का परीक्षण किया जाएगा, जिसके बाद आगे की विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई तय होगी।
फिलहाल इस पूरे प्रकरण की जांच जारी है। रेलवे प्रशासन और आरपीएफ अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।