आगरा। जिले के बाह क्षेत्र में खराब सड़क और बड़े गड्ढे के कारण एक परिवार को गंभीर त्रासदी का सामना करना पड़ा। प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस गांव की सड़क पर बने बड़े गड्ढे में फंस गई। ग्रामीणों को ट्रैक्टर की मदद से एंबुलेंस निकालने में करीब दो घंटे लग गए। परिजनों का आरोप है कि इस देरी के कारण महिला समय से अस्पताल नहीं पहुंच सकी और गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई।
मामला बाह तहसील क्षेत्र के गढ़वार गांव का है। घटना सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने मामले की रिपोर्ट तलब की है।
रात करीब 1 बजे निधि को शुरू हुई प्रसव पीड़ा
जानकारी के मुताबिक गढ़वार गांव निवासी प्रवेंद्र सिंह की पत्नी निधि को 2 सितंबर की रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। रात करीब एक बजे परिजनों ने अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस बुलाई।
एंबुलेंस गांव पहुंच गई और महिला को लेकर अस्पताल के लिए निकली, लेकिन गांव को मुख्य हाईवे से जोड़ने वाली सड़क पर बने एक बड़े गड्ढे में वाहन फंस गया।
चालक ने एंबुलेंस को निकालने की कोशिश की, लेकिन गड्ढे और कीचड़ में फंसे पहिए बाहर नहीं निकल सके।
ट्रैक्टर बुलाया, निकालने में लग गए करीब दो घंटे
एंबुलेंस फंसने के बाद ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। काफी प्रयास के बावजूद वाहन नहीं निकलने पर आखिरकार ट्रैक्टर की व्यवस्था की गई।
ट्रैक्टर की मदद से एंबुलेंस को गड्ढे से बाहर निकालने में करीब दो घंटे की मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को अस्पताल पहुंचाने में काफी देरी हो गई।
अस्पताल पहुंचने तक गर्भ में हो चुकी थी बच्चे की मौत
करीब साढ़े तीन बजे महिला को चिकित्सा केंद्र पहुंचाया गया। जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि गर्भस्थ शिशु की मौत हो चुकी थी। महिला को तत्काल चिकित्सकीय उपचार दिया गया और उसकी जान बचाई गई।
परिजनों का आरोप है कि यदि सड़क खराब न होती और एंबुलेंस गड्ढे में नहीं फंसती तो महिला को समय पर अस्पताल पहुंचाया जा सकता था।
ग्रामीणों का दावा- पहले भी की थी खराब सड़क की शिकायत
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क की खराब स्थिति को लेकर पहले भी संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई थी।
बताया गया है कि बारिश और मिट्टी के कटान के कारण सड़क का एक हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया था और वहां बड़ा गड्ढा बन गया था। ग्रामीणों ने सड़क की मरम्मत और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
समाधान दिवस तक पहुंचा मामला
घटना के बाद ग्रामीणों ने बाह तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में भी सड़क की समस्या उठाई। ग्रामीणों ने सड़क का स्थायी निर्माण कराने और इस घटना की जांच की मांग की।
बाह एसडीएम की ओर से सड़क की समस्या की जानकारी मिलने और संबंधित विभाग को जल्द कार्य कराने के निर्देश देने की बात कही गई है।
CMO ने तलब की रिपोर्ट, स्वास्थ्य विभाग भी करेगा जांच
मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने भी जांच शुरू की है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने रिपोर्ट तलब की है। स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस से लेकर संबंधित स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य पहलुओं की जांच कर रहा है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि गर्भस्थ शिशु की मौत किन चिकित्सकीय परिस्थितियों में हुई और अस्पताल पहुंचने में हुई देरी की इसमें क्या भूमिका रही।