धौलपुर/आगरा। राजस्थान के धौलपुर स्थित पार्वती बांध से शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 की शाम 7 बजे पानी की निकासी प्रस्तावित है। जल संसाधन विभाग की ओर से जारी सूचना के मुताबिक बांध के कैचमेंट क्षेत्र में लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए बांध के दो गेट करीब 2-2 फीट खोलने का निर्णय लिया गया है।
विभागीय सूचना के अनुसार दोनों गेट खोले जाने के बाद बांध से करीब 2200.07 क्यूसेक पानी की निकासी की जाएगी। पानी छोड़े जाने के बाद पार्वती और उटंगन नदी के निचले एवं तटीय क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
FRL के करीब पहुंचा पार्वती बांध का जलस्तर
जल संसाधन विभाग की सूचना के मुताबिक पार्वती बांध का फुल रिजर्वायर लेवल (FRL) 223.41 मीटर है, जबकि वर्तमान गेज 223.30 मीटर दर्ज किया गया है।
कैचमेंट क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश को देखते हुए बांध में आने वाले पानी को नियंत्रित करने के लिए शुक्रवार शाम 7 बजे दो गेट खोलकर पानी की निकासी करने की तैयारी है।
दो गेट 2-2 फीट खोलकर छोड़ा जाएगा पानी
विभागीय सूचना के अनुसार पार्वती बांध के दो गेट करीब दो-दो फीट खोले जाएंगे। इनके माध्यम से लगभग 2200.07 क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी दी गई है।
पानी की निकासी शुरू होने के बाद नदी के बहाव और जलस्तर में बदलाव हो सकता है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
आगरा के निचले इलाकों में बढ़ सकता है जलस्तर
पार्वती बांध से पानी छोड़े जाने का असर आगे नदी के निचले एवं तटीय क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। आगरा जिले में पार्वती और उटंगन नदी से जुड़े निचले इलाकों में भी जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है।
लोगों से नदी के बहाव वाले क्षेत्र में अनावश्यक रूप से नहीं जाने और जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रखने की अपील की गई है।
नदी में न जाएं, पशुओं को भी रखें दूर
जल संसाधन विभाग ने आमजन से अपील की है कि बांध से पानी छोड़े जाने के दौरान पार्वती नदी के निचले हिस्सों और उटंगन नदी में आने-जाने से बचें।
ग्रामीणों से अपने पशुओं को भी नदी और तटीय क्षेत्र में नहीं ले जाने को कहा गया है। बच्चों और बुजुर्गों को नदी क्षेत्र से दूर रखने तथा जलस्तर तेजी से बढ़ने की स्थिति में सुरक्षित स्थान की ओर जाने की सलाह दी गई है।
प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लेने की अपील
नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से विभागीय एवं प्रशासनिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखने को कहा गया है। पानी छोड़े जाने के बाद नदी में अचानक बहाव बढ़ने की स्थिति में किनारे जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है।
सावधानी के लिए नदी के निचले हिस्सों में न जाएं, उटंगन और पार्वती नदी के बहाव क्षेत्र से दूरी रखें, पशुओं को नदी किनारे न ले जाएं, बच्चों-बुजुर्गों को सुरक्षित रखें और जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
नोट: यह खबर जल संसाधन विभाग द्वारा जारी सूचना के आधार पर तैयार की गई है। बांध से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा और गेटों की स्थिति पानी की आवक एवं परिस्थितियों के अनुसार विभाग द्वारा बदली जा सकती है।