आगरा। आगरा पुलिस ने करीब 27 वर्ष पुराने दो पुलिसकर्मियों की हत्या के चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी भूरा को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर 'जमील' नाम से रह रहा था और खुद को सरकारी रिकॉर्ड में मृत भी घोषित करवा चुका था।
डीसीपी पश्चिम आदित्य कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी भूरा कुख्यात रमेश कुशवाह गैंग का सक्रिय सदस्य था। यह गैंग लूट, अपहरण और हत्या जैसी गंभीर वारदातों में शामिल रहा है।
पुलिस के अनुसार, 31 दिसंबर 1999 की रात खेरागढ़ क्षेत्र में गश्त पर तैनात तीन पुलिसकर्मी अलाव ताप रहे थे। आरोप है कि भूरा अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और अलाव तापने के बहाने पुलिसकर्मियों के पास बैठ गया। मौका मिलने पर उसने और उसके साथियों ने पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी कर दी। इस हमले में कांस्टेबल कमल सिंह की मौके पर तथा कांस्टेबल चरन सिंह की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई, जबकि एक अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गया था।
घटना के बाद पुलिस ने गैंग के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। गैंग लीडर रमेश कुशवाह और एक अन्य आरोपी नरेंद्र अलग-अलग पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए, जबकि अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत से आजीवन कारावास की सजा मिली। हालांकि, मुख्य आरोपी भूरा लगातार फरार रहा।
पुलिस के मुताबिक, फरारी के दौरान भूरा पहले जंगलों में छिपा रहा, फिर इटारसी में मजदूरी की और बाद में भोपाल में बिल्डिंग निर्माण कार्य तथा ट्रक चालक के रूप में काम करने लगा। जांच में सामने आया कि उसने कथित रूप से खुद को सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित करवा दिया और 'जमील पुत्र फारुख' के नाम से नई पहचान बनाकर रहने लगा।
पुलिस को आरोपी तक पहुंचने का सुराग हाल ही में बकरीद के दौरान आयोजित एक दावत से मिला। पुलिस के अनुसार, जेल से रिहा हुए उसके एक पुराने साथी और भूरा के रिश्तेदार के बीच बातचीत में यह जानकारी सामने आई कि कुछ समय पहले भूरा से संपर्क हुआ था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी और मानवीय सूचना तंत्र के आधार पर जाल बिछाया और भोपाल से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपनी वास्तविक पहचान स्वीकार कर ली। आरोपी को न्यायालय में पेश कर दिया गया है और आगे की पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड लेने की प्रक्रिया की जा रही है।