आगरा। ताजमहल के पास स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षित स्मारक महताब बाग परिसर में कथित तौर पर हिंदूवादी कार्यकर्ताओं द्वारा आरती करने, गंगाजल चढ़ाने और भगवा झंडा लहराने का मामला सामने आया है। कार्यकर्ताओं ने इस दौरान ताजमहल को शिव मंदिर बताते हुए धार्मिक दावा भी किया। घटना की जानकारी मिलने के बाद ASI अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है।
महताब बाग ताजमहल के ठीक सामने यमुना नदी के दूसरी ओर स्थित संरक्षित स्मारक परिसर है। यहां हुई इस गतिविधि के बाद स्मारक की सुरक्षा व्यवस्था और संरक्षित परिसर में इस तरह की गतिविधि किए जाने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
महताब बाग परिसर में आरती और गंगाजल चढ़ाने का दावा
जानकारी के मुताबिक, कुछ हिंदूवादी कार्यकर्ता महताब बाग परिसर में पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्होंने धार्मिक गतिविधि करते हुए आरती की और गंगाजल चढ़ाया।
इस दौरान भगवा झंडा लहराए जाने की बात भी सामने आई है। घटना से संबंधित तस्वीरों या वीडियो के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान किए जाने की कार्रवाई हो सकती है।
ताजमहल को शिव मंदिर बताने का किया दावा
कार्यकर्ताओं ने इस दौरान ताजमहल को शिव मंदिर बताते हुए दावा किया। ताजमहल को लेकर इस तरह के दावे पहले भी विभिन्न समूहों की ओर से किए जाते रहे हैं।
हालांकि, ताजमहल ASI द्वारा संरक्षित स्मारक है और आधिकारिक ऐतिहासिक अभिलेख इसे मुगल सम्राट शाहजहां द्वारा निर्मित मकबरे के रूप में दर्ज करते हैं। कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया शिव मंदिर संबंधी दावा उनका पक्ष है, इसे स्थापित ऐतिहासिक तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
ASI अधिकारियों ने दर्ज कराई FIR
घटना की जानकारी सामने आने के बाद ASI अधिकारियों ने अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस में FIR दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर सकती है।
जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि संरक्षित परिसर में धार्मिक गतिविधि करने वाले लोग कौन थे, वे परिसर में किस तरह पहुंचे और घटना के दौरान सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ या नहीं।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठे सवाल
ASI संरक्षित स्मारक में इस तरह की गतिविधि सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। महताब बाग पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है और यहां प्रतिदिन पर्यटकों की आवाजाही रहती है।
ऐसे में संरक्षित क्षेत्र में आरती, गंगाजल चढ़ाने और झंडा लहराने जैसी गतिविधियां कैसे हुईं, यह जांच का विषय है।
अज्ञात लोगों की पहचान में जुट सकती है पुलिस
FIR दर्ज होने के बाद पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज समेत अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान करने का प्रयास कर सकती है।
मामले में जांच पूरी होने और पुलिस व ASI की ओर से विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना में कौन-कौन शामिल था और किन कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जाती है।