आगरा: शमशाबाद पहुंचेगी मनःकामेश्वर रामबारात, सजेगा जनकपुर

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आगरा: शमशाबाद पहुंचेगी श्री मनःकामेश्वर की रामबारात, शिव वाटिका में सजेगा जनकपुर; 15 अक्टूबर को निकलेंगी 50 से अधिक झांकियां

Oct 1, 2026
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11 से 21 अक्टूबर तक होगा रामलीला महोत्सव, 16 अक्टूबर को तुलसी-शालिग्राम विवाह और पारंपरिक बड़हार की दावत; राजा जनक का स्वरूप निभाएंगे ऋषि भोला वर्मा

शमशाबाद। जनक महल की सजावट, मिथिला की लोक परंपराएं और बेटी के विवाह वाले घर जैसा उत्सव—इस वर्ष श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव के अंतर्गत शमशाबाद की शिव वाटिका में जनकपुर का ऐसा ही स्वरूप तैयार करने की योजना है। आयोजकों के अनुसार, पहली बार महोत्सव की रामबारात के मार्ग का विस्तार करते हुए उसे करीब आठ किलोमीटर आगे शमशाबाद तक लाया जाएगा। यहां भगवान श्रीराम की बारात का स्वागत राम-जानकी विवाह की परंपराओं के अनुरूप होगा।

महोत्सव की तैयारियों की जानकारी वानप्रस्थ वृद्ध आश्रम, दिगनेर, गढ़ी ईश्वरा, शमशाबाद रोड स्थित परिसर में आयोजित उद्घोषणा समारोह में दी गई। श्री मनःकामेश्वर मठ-मंदिर के महंत योगेश पुरी ने बताया कि रामलीला महोत्सव 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक आयोजित होगा। 15 अक्टूबर को रामबारात निकलेगी, जिसमें 50 से अधिक झांकियां शामिल होंगी।

शिव वाटिका में बनेगा जनक महल, परंपरागत ढंग से होगा स्वागत

मठ-मंदिर प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि इस वर्ष रामबारात को शमशाबाद तक ले जाने की तैयारी की जा रही है। उनके अनुसार, महोत्सव के अंतर्गत पहली बार ग्रामीण क्षेत्र में जनकपुर बनाया जाएगा। शिव वाटिका में तैयार होने वाला जनक महल रामबारात के स्वागत और विवाह से जुड़े आयोजनों का केंद्र रहेगा।

जनकपुर में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए श्री मनःकामेश्वर नाथ बाबा और श्रीनाथजी महाराज की झांकियां भी सजाई जाएंगी। रामबारात में श्रीराम के साथ पीठासीन देव स्वरूप पारंपरिक वेशभूषा में चलेंगे। स्वागत के लिए जनकपुरवासी लाल वेशभूषा धारण करेंगे।

आयोजकों का प्रयास है कि जनकपुर की सजावट और स्वागत की व्यवस्था में धार्मिक आस्था के साथ मिथिला की संस्कृति और आतिथ्य की झलक भी दिखाई दे।

मेहंदी, हल्दी और शगुन से बनेगा बेटी के विवाह जैसा माहौल

शिव वाटिका में जनकपुर को विवाह वाले घर का स्वरूप देने की तैयारी है। यहां मेहंदी, हल्दी, शगुन और विवाह से जुड़ी पारंपरिक रस्मों के प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को जनकपुर के उत्सव में मिथिला की लोक संस्कृति और विवाह परंपराओं का अनुभव कराने की योजना है।

जनकपुर संयोजक आशीष आर्या ने बताया कि जनक महल और परिसर को पारंपरिक स्वरूप देने के लिए तैयारियां चल रही हैं। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ लोक परंपराओं को भी आयोजन में विशेष स्थान दिया जाएगा।

इन तैयारियों के माध्यम से राम-जानकी विवाह के प्रसंग को ऐसे वातावरण में प्रस्तुत करने का प्रयास होगा, जिसमें स्वागत, शगुन और पारिवारिक उल्लास का भाव एक साथ दिखाई दे।

16 अक्टूबर को तुलसी-शालिग्राम विवाह और बड़हार की दावत

जनकपुर महोत्सव के दौरान 16 अक्टूबर को तुलसी-शालिग्राम विवाह समारोह आयोजित किया जाएगा। इसके साथ पारंपरिक बड़हार की दावत भी होगी।

आयोजकों के अनुसार, श्रद्धालुओं की सहभागिता के साथ विवाह संस्कारों से जुड़े विभिन्न पारंपरिक प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। रामबारात के स्वागत के बाद यह आयोजन जनकपुर महोत्सव का एक विशेष आकर्षण रहेगा।

उद्घोषणा समारोह में शगुन भेंट कर प्रस्तुत किया विवाह का प्रसंग

उद्घोषणा समारोह में रामायणकालीन विवाह परंपरा की प्रतीकात्मक झलक प्रस्तुत की गई। महर्षि वशिष्ठ के स्वरूप में श्री महंत योगेश पुरी को राजा जनक का स्वरूप बने ऋषि भोला वर्मा ने शगुन का नारियल और फलों की टोकरी भेंट की।

इसके बाद मठ-मंदिर परिवार की ओर से ऋषि भोला वर्मा का स्वागत किया गया। इस प्रतीकात्मक प्रसंग के माध्यम से आगामी राम-जानकी विवाह उत्सव की तैयारियों और उससे जुड़ी परंपराओं का परिचय कराया गया।

“माता जानकी के पिता का स्वरूप निभाना मेरे लिए सौभाग्य”

इस वर्ष सराफा व्यवसायी ऋषि भोला वर्मा राजा जनक की भूमिका निभाएंगे। तीन संतानों के पिता ऋषि वर्मा के दोनों बेटों और बेटी का विवाह हो चुका है। अपनी बेटी का कन्यादान कर चुके ऋषि वर्मा माता जानकी के पिता का स्वरूप निभाने के अवसर को आस्था और भावनाओं से जुड़ा अनुभव मानते हैं।

उन्होंने कहा, “यह मेरे लिए केवल अभिनय नहीं, बल्कि आस्था और भावनाओं से जुड़ा अवसर है।”

ऋषि वर्मा ने बताया कि जनकपुर में ऐसा वातावरण बनाने का प्रयास किया जाएगा, जैसे घर में बेटी का विवाह हो रहा हो। मेहंदी, हल्दी, शगुन और विवाह की रस्मों के साथ पूरे परिसर में उत्सव का माहौल रहेगा। उन्होंने कहा कि राजा जनक के स्वरूप में भगवान श्रीराम की बारात का स्वागत करना उनके लिए भावुक और गौरवपूर्ण क्षण होगा।

उद्घोषणा समारोह में शामिल हुए जनप्रतिनिधि और आयोजन से जुड़े लोग

समारोह में बरौली अहीर के ब्लॉक प्रमुख उत्तम सिंह काका, कुंज बिहारी अग्रवाल, विजय सिंह, संध्या बैनर्जी, पवन कुमार अग्रवाल, अनिरुद्ध माथुर, पायल माथुर, युवराज परिहार, सुधीर यादव, सूर्य प्रताप, लक्ष्मीकांत, अमर गुप्ता और रवि वर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

महोत्सव के प्रमुख कार्यक्रम

कार्यक्रम तिथि एवं विवरण
श्री मनःकामेश्वर रामलीला महोत्सव 11 से 21 अक्टूबर
रामबारात 15 अक्टूबर, 50 से अधिक झांकियां प्रस्तावित
जनकपुर एवं जनक महल शिव वाटिका, शमशाबाद
तुलसी-शालिग्राम विवाह 16 अक्टूबर
पारंपरिक बड़हार की दावत 16 अक्टूबर
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