पिनाहट/आगरा। पिनाहट थाना क्षेत्र के कप्तानपुर गांव में रविवार देर शाम दर्दनाक हादसा हो गया। परिवार में तीन दिन पहले हुई मौत के बाद घर पर शोक जताने पहुंचे परिजन और रिश्तेदार बरामदे में बैठे थे। इसी दौरान पुराने मकान की छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। मलबे की चपेट में आने से एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।
घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े और मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने में जुट गए। सूचना पर पिनाहट पुलिस भी मौके पर पहुंची और घायलों को एंबुलेंस की मदद से सीएचसी पिनाहट पहुंचाया गया।
तीन दिन पहले हुई थी महावीर की मौत, घर पर जुटे थे रिश्तेदार
जानकारी के मुताबिक कप्तानपुर निवासी महावीर का तीन दिन पूर्व निधन हो गया था। रविवार को उनके घर पर परिवार के सदस्य और रिश्तेदार शोक व्यक्त करने के लिए एकत्रित हुए थे।
लोग मकान के बरामदे में बैठे हुए थे। इसी दौरान गैलरी की छत का गाटर टूट गया और छत नीचे बैठे लोगों पर आ गिरी।
बताया जा रहा है कि मकान करीब 40 वर्ष पुराना है और बारिश के कारण आई सीलन को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि छत गिरने का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
मलबे में दबे महिलाएं-बच्चे, मची चीख-पुकार
छत गिरते ही बरामदे में बैठे लोग मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद घर और आसपास अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों और परिजनों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घायलों में गीता देवी (40), जैनेंद्र (14), रामरति (60), पुरण देवी (50), लालो (40), राजकुमारी (35), गुलशन (6), रामरति (75), संदीप (15), मनमोहन (19), गजराज, अमित (30), सूरज (18), मोहित (10) और नैतिक (5) शामिल बताए गए हैं।
चार घायलों को आगरा किया गया रेफर
घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी पिनाहट वीरेश पाल गिरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घायलों को एंबुलेंस की सहायता से सीएचसी पिनाहट में भर्ती कराया गया।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक प्राथमिक उपचार और चिकित्सकीय जांच के बाद जैनेंद्र, लालो, रामरति और पांच वर्षीय नैतिक की हालत गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए आगरा के हायर सेंटर रेफर किया गया है। अन्य घायलों का उपचार सीएचसी पिनाहट में किया जा रहा है।
पुराने मकान की छत गिरने के कारणों की जांच
पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी जुटाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद परिवार में पहले से पसरा मातम और गहरा गया है।
मकान की छत गिरने की वास्तविक वजह और घायलों की अंतिम संख्या प्रशासनिक अथवा चिकित्सकीय पुष्टि के बाद और स्पष्ट हो सकेगी।