आगरा। आगरा मेट्रो की यात्री सेवा के अगले चरण को शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों की अंतिम जांच तेज हो गई है। आयुक्त मेट्रो रेल सुरक्षा (CMRS) के निरीक्षण के दूसरे दिन फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग के तहत मेट्रो ट्रेनों को 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार पर चलाकर विभिन्न सुरक्षा प्रणालियों की क्षमता और विश्वसनीयता परखी गई।
टेस्टिंग के दौरान दो मेट्रो ट्रेनों को नियंत्रित परिस्थितियों में एक-दूसरे की ओर संचालित कर ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन और इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम की जांच की गई। परीक्षण का उद्देश्य यह देखना था कि संभावित टकराव जैसी स्थिति बनने पर सुरक्षा प्रणाली निर्धारित सुरक्षित दूरी बनाए रखने और आवश्यकता पड़ने पर ट्रेन को स्वतः रोकने में कितनी प्रभावी है।
80 KM/H की रफ्तार पर दौड़ाई गई मेट्रो
फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग के दौरान मेट्रो ट्रेनों को हाई-स्पीड पर चलाकर उनकी परिचालन क्षमता की जांच की गई।
ट्रेनों को 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति पर संचालित कर ब्रेकिंग, सिग्नलिंग और अन्य सुरक्षा प्रणालियों के बीच समन्वय को परखा गया।
हाई-स्पीड टेस्टिंग किसी भी मेट्रो कॉरिडोर पर नियमित यात्री सेवा शुरू करने से पहले सुरक्षा मूल्यांकन का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है।
आमने-सामने की स्थिति बनाकर सुरक्षा प्रणाली की जांच
परीक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा दो मेट्रो ट्रेनों के बीच नियंत्रित परिस्थितियों में आमने-सामने की स्थिति तैयार कर सुरक्षा प्रणाली की क्षमता जांचना रहा।
इसका उद्देश्य वास्तविक टक्कर कराना नहीं, बल्कि यह परखना था कि ऑटोमैटिक सुरक्षा प्रणाली संभावित टकराव की स्थिति को पहचानकर ट्रेनों को सुरक्षित दूरी पर रोकती है या नहीं।
इस दौरान सिग्नलिंग और ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम की प्रतिक्रिया का भी परीक्षण किया गया।
बिना ड्राइवर के इमरजेंसी ब्रेक का परीक्षण
सुरक्षा परीक्षण के दौरान ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग सिस्टम को भी जांचा गया। ऐसी परिस्थिति तैयार की गई, जिसमें सिस्टम द्वारा स्वतः ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोकने की क्षमता का मूल्यांकन किया जा सके।
इस टेस्ट का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ड्राइवर की ओर से तत्काल कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में भी मेट्रो की स्वचालित सुरक्षा प्रणाली संभावित खतरे को पहचानकर ट्रेन की गति नियंत्रित कर सके।
ट्रैक से लेकर सिग्नलिंग तक की व्यापक जांच
CMRS के फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्ट में केवल मेट्रो ट्रेन की गति और ब्रेकिंग ही नहीं, बल्कि पूरे परिचालन सिस्टम से जुड़ी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जा रहा है।
इसमें ट्रैक, सिग्नलिंग सिस्टम, विद्युत आपूर्ति, टेलीकॉम, ट्रेन संचालन और सुरक्षा प्रणालियों के बीच तालमेल की जांच शामिल है।
आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न सिस्टम किस प्रकार प्रतिक्रिया देते हैं, इसे भी सुरक्षा परीक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
ताजमहल ईस्ट गेट से सिकंदरा कॉरिडोर पर परीक्षण
सुरक्षा परीक्षण आगरा मेट्रो कॉरिडोर-1 के ताजमहल ईस्ट गेट से सिकंदरा के बीच किया गया।
इस कॉरिडोर पर यात्री सेवा के विस्तार से पहले आवश्यक तकनीकी और सुरक्षा प्रक्रियाओं को पूरा किया जा रहा है। CMRS निरीक्षण इसी प्रक्रिया का अहम चरण है।
अंतिम मंजूरी पर टिकी यात्री सेवा
फाइनल इंटीग्रेटेड टेस्टिंग और सुरक्षा निरीक्षण पूरा होने के बाद संबंधित प्राधिकरण परीक्षण के परिणामों का मूल्यांकन करेगा।
आवश्यक सुरक्षा मानकों को पूरा करने और अंतिम अनुमति मिलने के बाद ही संबंधित सेक्शन पर नियमित यात्री सेवा शुरू करने का रास्ता साफ होगा।
ऐसे में आगरा मेट्रो के अगले चरण की यात्री सेवा के लिए अंतिम सुरक्षा मंजूरी बेहद महत्वपूर्ण होगी।