निबोहरा के गढ़ी धर्मजीत गांव में लाइसेंसी राइफल और पिस्टल से 10–12 राउंड फायरिंग का आरोप; पुलिस अधिकारियों और फोरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य
फतेहाबाद, आगरा। आगरा के थाना निबोहरा क्षेत्र के गांव गढ़ी धर्मजीत में रविवार शाम खेत से मिट्टी उठाने को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि कहासुनी के बाद एक पक्ष के लोग लाइसेंसी राइफल और पिस्टल लेकर आए और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना में गोली लगने से एक किशोरी की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हो गए। घायलों का अस्पताल में उपचार चल रहा है।
घटना की सूचना पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड मौके पर पहुंचे। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए गए हैं। तनाव की आशंका को देखते हुए गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात किया गया है।
खेत की मिट्टी और मेड़ को लेकर शुरू हुई कहासुनी
गांव निवासी फूल सिंह पुत्र चंदन सिंह के अनुसार, रविवार शाम उनके घर के पीछे पशु बंधे थे। उनके छोटे भाई अजमेर सिंह की पुत्रवधू पशुओं को लेने गई थी। इसी दौरान खेत की मिट्टी उठाकर मेड़ पर लगाने की बात को लेकर विवाद हुआ।
फूल सिंह का आरोप है कि गांव के रमेश चंद्र पुत्र चंद्रभान ने इसका विरोध किया। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी और गाली-गलौज होने लगी। कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया।
घर से हथियार लाकर फायरिंग करने का आरोप
शिकायतकर्ता पक्ष का आरोप है कि कहासुनी के बाद दूसरे पक्ष के लोग अपने घर गए और लाइसेंसी राइफल व पिस्टल लेकर लौटे। इसके बाद उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी।
घटना के दौरान करीब 10 से 12 राउंड गोलियां चलने की बात सामने आई है। हालांकि, फायरिंग की संख्या और इस्तेमाल किए गए हथियारों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद होगी।
किशोरी की मौत, चार लोगों का चल रहा उपचार
प्राप्त जानकारी के अनुसार, फायरिंग में किशोरी बृजेश के सिर में गोली लगी। वहीं, जितेंद्र के पेट और हरेंद्र के कंधे में गोली लगने की सूचना है। भावना के सिर को छूते हुए गोली निकलने की बात बताई गई है। अजमेर सिंह भी घटना में घायल हुए हैं।
पुलिस और ग्रामीणों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने किशोरी बृजेश को मृत घोषित कर दिया। जितेंद्र, हरेंद्र, अजमेर सिंह और भावना का उपचार चल रहा है।
किशोरी की मौत की सूचना मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया। गांव में भी घटना को लेकर शोक और चिंता का माहौल है।
डीसीपी और एसीपी मौके पर पहुंचे
सूचना मिलने पर एसीपी शमसाबाद राजीव रंजन और डीसीपी पूर्वी जोन अभिषेक अग्रवाल सहित पुलिस अधिकारी गांव पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और घटना के संबंध में जानकारी जुटाई।
फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने भी मौके पर जांच की। घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर विवाद और फायरिंग के घटनाक्रम की जांच की जा रही है।
गांव में पुलिस बल तैनात, जांच जारी
घटना के बाद कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस दोनों पक्षों के बीच विवाद की वजह, फायरिंग में शामिल लोगों और हथियारों के संबंध में जांच कर रही है।
उपलब्ध जानकारी में अभी किसी गिरफ्तारी, हथियार की बरामदगी अथवा दर्ज मुकदमे की धाराओं का विवरण सामने नहीं आया है। नामजद व्यक्ति और अन्य लोगों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।