Published By: Rajkumar Sharma
शमशाबाद, आगरा। शमशाबाद ब्लॉक क्षेत्र के गांव कुतकपुर रोहई में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के दौरान इन दिनों श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिल रहा है। कथा स्थल पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
कथा व्यास शास्त्री श्री हरिओम शर्मा जी अपने श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों का विस्तारपूर्वक वर्णन कर रहे हैं। उनके प्रवचनों में भगवान की लीलाओं, भक्ति के महत्व, धर्म, कर्म, सदाचार, सेवा और मानव जीवन के मूल्यों को सरल एवं प्रेरक रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भजनों और जयकारों में शामिल हो रहे हैं, जिससे पूरा पंडाल भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आ रहा है।
इस धार्मिक आयोजन में श्री राजा राम बाबा जी परीक्षित के रूप में विराजमान हैं। वहीं बाबा भारतगिरि जी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। संत-महात्माओं के सानिध्य और कथा व्यास के प्रवचनों से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं जीवन को सकारात्मक दिशा देने वाली प्रेरणा प्राप्त हो रही है।
कथा पंडाल में प्रतिदिन अनुशासित व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं के बैठने, कथा श्रवण और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। गांव के युवाओं और स्वयंसेवकों की टीम आयोजन को सफल बनाने के लिए लगातार सेवा कार्यों में जुटी हुई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए व्यवस्था संभालने में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
धार्मिक आयोजन के दौरान गांव के प्रधान पद के प्रत्याशी भूपेंद्र जादौन भी अपनी टीम के साथ कथा स्थल पहुंचे। उन्होंने कथा व्यास, संत-महात्माओं और कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत किया तथा आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम समाज में भाईचारे, संस्कार, सेवा और सामाजिक एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
आयोजन की व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखने में ब्रजमोहन तेनगुरिया, पंकज, कान्हा, अभिषेक, अंकित और रितेश जादौन सहित अनेक स्थानीय युवाओं और स्वयंसेवकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। ये सभी श्रद्धालुओं की सुविधा, पंडाल व्यवस्था, आगंतुकों के स्वागत और अन्य सेवाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि श्रीमद्भागवत कथा महायज्ञ के आयोजन से पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में सकारात्मक तथा धार्मिक वातावरण बना हुआ है। सुबह से ही कथा स्थल पर श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाता है और कथा के समय पंडाल श्रद्धालुओं से भर जाता है। महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों में भी कथा को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।
यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि क्षेत्र में सामाजिक समरसता, आध्यात्मिक जागरूकता, सांस्कृतिक परंपराओं और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का माध्यम भी बन रहा है। सामूहिक सहयोग और सेवा भावना के साथ आयोजित हो रही श्रीमद्भागवत कथा ने गांव कुतकपुर रोहई सहित पूरे क्षेत्र को भक्तिमय रंग में रंग दिया है।