पिनाहट: गोवंश आश्रय स्थल में तीन गायों की मौत, संस्था पर FIR

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आगरा: गोवंश आश्रय स्थल में तीन गायों की मौत, चार दिन से चारा नहीं देने का आरोप; संचालन करने वाली संस्था पर FIR

Sep 28, 2026
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पिनाहट/आगरा। पिनाहट क्षेत्र की ग्राम पंचायत रैपुरा भदौरिया में संचालित अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल में तीन गायों की मौत का मामला सामने आया है। आश्रय स्थल की व्यवस्थाओं में कथित लापरवाही को लेकर संचालन करने वाली संस्था स्नोबॉल फैसिलिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के जिम्मेदारों के खिलाफ पिनाहट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।

एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि आश्रय स्थल में गोवंश को पिछले चार दिनों से पर्याप्त भूसा, दाना और हरा चारा उपलब्ध नहीं कराया गया था। इसके चलते पशुओं के कमजोर होने और तीन गायों की मौत होने का आरोप है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

चार दिन से भूसा-दाना नहीं मिलने का आरोप

शिकायत में आरोप है कि आश्रय स्थल में मौजूद गोवंश को चार दिनों से भूसा, दाना और हरा चारा उपलब्ध नहीं कराया गया। उचित देखभाल और पोषण नहीं मिलने से पशुओं की स्थिति कमजोर होने का दावा किया गया है।

तीन गायों की मौत के पीछे भी चारा-पानी और देखरेख में कथित लापरवाही को कारण बताया गया है। हालांकि गायों की मौत का वास्तविक चिकित्सकीय कारण पशु चिकित्सा जांच और अन्य साक्ष्यों से स्पष्ट होगा।

जलभराव और कीचड़ की भी मिली शिकायत

आश्रय स्थल की अन्य व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि परिसर में जलभराव और कीचड़ की स्थिति बनी हुई थी।

उचित जल निकासी और खड़ंजे की व्यवस्था नहीं होने से गोवंश को परेशानी होने तथा संक्रमण का जोखिम बढ़ने की आशंका जताई गई है।

निरीक्षण में अभिलेख और रजिस्टर नहीं मिलने का आरोप

शिकायत के मुताबिक निरीक्षण के दौरान आश्रय स्थल से संबंधित आवश्यक अभिलेख और रजिस्टर भी उपलब्ध नहीं कराए जा सके।

यह भी आरोप है कि संचालन करने वाली संस्था को पहले कई बार व्यवस्थाओं में सुधार करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

संचालन करने वाली संस्था के जिम्मेदारों पर मुकदमा

मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्रय स्थल का संचालन करने वाली स्नोबॉल फैसिलिटी सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के जिम्मेदारों के खिलाफ पिनाहट थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई है।

पुलिस ने पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एफआईआर में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस विवेचना और न्यायिक प्रक्रिया के बाद होगी। संचालन संस्था का पक्ष सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना चाहिए।

Sumit Sharma
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Sumit Sharma
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