दो घंटे गांव में बैठे डीएम इंद्रमणि त्रिपाठी, मौके पर सुलझा

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दो घंटे गांव में बैठे डीएम इंद्रमणि त्रिपाठी, मौके पर सुलझा भूमि विवाद; चकमार्ग कब्जामुक्त, सुभाष को मिली 9 बिस्वा जमीन

Oct 2, 2026
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मैनपुरी में जनसमस्याओं के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए चलाए जा रहे ‘मिशन समाधान’ के तहत जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने गुरुवार को विकासखंड जागीर के ग्राम मौजेपुर में पहुंचकर भूमि और चकमार्ग से जुड़े विवादों का मौके पर ही समाधान कराया। जिलाधिकारी करीब दो घंटे तक गांव में मौजूद रहे और अपनी निगरानी में राजस्व अधिकारियों से पैमाइश कराकर अभिलेखों और मौके की वास्तविक स्थिति का मिलान कराया।

ग्राम मौजेपुर निवासी मनोज कुमार ने शिकायत की थी कि चकमार्ग पर कथित अवैध कब्जे के कारण ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो रहा है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम स्वयं मौके पर पहुंचे। उन्होंने राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों से पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद चकमार्ग की पैमाइश कराई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सिर्फ कागजी अभिलेखों के आधार पर कार्रवाई न हो, बल्कि राजस्व रिकॉर्ड के साथ मौके की वास्तविक स्थिति का भी सत्यापन किया जाए। पैमाइश के दौरान अभिलेखों में दर्ज चकमार्ग और मौके की स्थिति का मिलान किया गया। स्थिति स्पष्ट होने के बाद दोनों पक्षों की आपसी सहमति से चकमार्ग को कब्जामुक्त कराया गया, जिससे ग्रामीणों के आवागमन का रास्ता सुगम हो गया।

गाटा संख्या 461 में 9 बिस्वा भूमि का विवाद भी मौके पर निपटा

मौजेपुर में ही गाटा संख्या 461 में 9 बिस्वा भूमि को लेकर सुभाष और मनोज के बीच विवाद चल रहा था। जिलाधिकारी ने इस मामले में भी राजस्व कर्मियों से मौके पर पैमाइश कराई और दोनों पक्षों की बात सुनी। पैमाइश के बाद भूमि की स्थिति स्पष्ट होने पर 9 बिस्वा भूमि पर सुभाष को काबिज कराया गया। भूमि पर लगे पौधों को लेकर दोनों पक्षों के बीच उत्पन्न विवाद का भी डीएम ने व्यावहारिक समाधान कराया। 

समाधान होने के बाद एक दूसरे के गले मिले पक्ष विपक्ष

उन्होंने पांच पंचों के माध्यम से पौधों का मूल्यांकन कराने और निर्धारित मूल्य के आधार पर सुभाष को मनोज को 8 हजार रुपये उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इतना ही नहीं, जिलाधिकारी ने दोनों पक्षों को आपसी मनमुटाव खत्म करने के लिए एक-दूसरे को गले मिलवाया। इस तरह भूमि विवाद के साथ पौधों से जुड़े मामले का भी मौके पर समाधान सुनिश्चित कराया गया।

‘शिकायत निस्तारित दिखाना नहीं, वास्तविक राहत देना मिशन समाधान का उद्देश्य’

जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि गांवों में सार्वजनिक आवागमन के लिए निर्धारित चकमार्गों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा ग्रामीणों के हित में नहीं है। प्रशासन का प्रयास है कि विवाद बढ़ने से पहले ही मौके पर पहुंचकर अभिलेखों और स्थलीय स्थिति की जांच करते हुए समाधान कराया जाए। उन्होंने कहा कि ‘मिशन समाधान’ का उद्देश्य शिकायतों को केवल कागजों पर निस्तारित दिखाना नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत उपलब्ध कराना है। ग्रामीणों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से तहसील और जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए अधिकारी मौके पर पहुंचकर समस्याओं का समाधान करें।

आपसी सहमत से नहीं होगा तनाव

डीएम ने कहा कि भूमि विवादों के समयबद्ध समाधान से ग्रामीणों को राहत मिलने के साथ ही आपसी विवाद और तनाव की स्थिति को भी समाप्त किया जा सकता है। अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लें और निस्तारण के बाद यह भी सुनिश्चित करें कि संबंधित व्यक्ति को वास्तव में राहत मिली है या नहीं। इस दौरान उप जिलाधिकारी भोगांव पीयूष कुमार जायसवाल, तहसीलदार घासीराम, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल तथा आईजीआरएस अनुभाग से अनुज कुमार सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

Hariom
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Hariom
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