गांधीजी के सत्य एवं अहिंसा के सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान
जोधपुर,// समाज कल्याण सप्ताह 2026 के अंतर्गत जिला प्रशासन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग तथा महात्मा गांधी विद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती मनाई गई। महात्मा गांधी विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संभागीय आयुक्त श्री के.एल. स्वामी एवं जिला कलक्टर श्री आलोक रंजन सहित अधिकारियों एवं गणमान्यजनों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। नेत्रहीन विकास संस्थान के छात्र-छात्राओं ने महात्मा गांधी के प्रिय भजनों ‘वैष्णव जन तो तेने कहिये’ एवं ‘रघुपति राघव राजाराम’ सहित अन्य भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति दी।
संयुक्त निदेशक सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग डॉ. बजरंग लाल सारस्वत ने समाज कल्याण सप्ताह 2026 के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की रूपरेखा की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सप्ताह के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग से संबंधित विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों के माध्यम से वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों को योजनाओं से जोड़ने तथा सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाएंगे।
संभागीय आयुक्त श्री के.एल. स्वामी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि महात्मा गांधी के विचारों एवं आदर्शों को केवल स्मरण करने तक सीमित न रखते हुए उन्हें अपने व्यवहार एवं जीवन में आत्मसात करना आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से सत्य एवं अहिंसा के मार्ग पर चलते हुए जीवन में उच्च आदर्श स्थापित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों, विद्यालय एवं छात्रावास के बालक-बालिकाओं को नशामुक्त भारत अभियान के तहत नशामुक्ति की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रगान एवं राष्ट्रगीत का सामूहिक गायन हुआ। महात्मा गांधी विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री प्रवीण कुमार चारण ने आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के श्री ओमपाल सिंह, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्री जानकीदास चौहान, संस्थापन अधिकारी श्री उत्तम शर्मा, निजी सहायक प्रथम श्री दुष्यंत दवे सहित विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं विद्यालय स्टाफ उपस्थित रहे।