सामाजिक एकजुटता का दिया संदेश; ‘दिमाग का दंगल’ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने दिखाया ज्ञान और प्रतिभा
कुचामन सिटी। महाराजा अग्रसेन जी की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित नौ दिवसीय अग्रसेन जयंती महोत्सव का शुभारंभ रविवार, 4 अक्टूबर को विधिवत ध्वजारोहण के साथ हुआ। आयोजकों के अनुसार, यह 5180वां अग्रसेन जयंती महोत्सव है। उद्घाटन कार्यक्रम में अग्रवाल समाज समिति, अग्रवाल नवयुवक मंडल और अग्रवाल महिला मंडल के पदाधिकारियों सहित समाजबंधुओं ने भाग लिया।
ध्वजारोहण से पहले महाराजा अग्रसेन जी के सामाजिक संदेश ‘एक रुपया, एक ईंट’ वाले ध्वज का पूजन किया गया। इसके बाद समाज के तीनों संगठनों के पदाधिकारियों ने ध्वजारोहण कर महोत्सव की शुरुआत की।
महाराजा अग्रसेन और माता लक्ष्मी का किया पूजन
कार्यक्रम में अग्रवाल समाज समिति के पदाधिकारियों ने महाराजा अग्रसेन जी एवं कुलदेवी माता लक्ष्मी जी की प्रतिमा पर पुष्पमालाएं अर्पित कीं और दीप प्रज्वलित किया। अग्रवाल महिला मंडल ने ध्वज गायन, महाराजा अग्रसेन जी की स्तुति और मंगलगीत प्रस्तुत किए।
अग्रवाल नवयुवक मंडल की ओर से आतिशबाजी की गई। आयोजकों ने इसे 21 तोपों की सलामी के रूप में प्रस्तुत किया। इस दौरान समाजबंधुओं में उत्साह और उल्लास दिखाई दिया।
आयोजन में प्रदीप भाड़ासरवाला, संपत बगड़िया, जयप्रकाश बंसल, अनिल मिठड़ीवाला, अंकित मोर, लक्ष्मीकांत बंसल, सीए आशीष अग्रवाल, विवेक शेखराजका, योगेश मोर, विष्णु कामदार, सुजल बड़ासरवाला, देवेश अग्रवाल, पवन बड़वालियावाला और महेश अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा।
सामाजिक एकजुटता और युवाओं की भागीदारी पर जोर
अग्रवाल समाज समिति के अध्यक्ष मुरली मनोहर स्नेही और कोषाध्यक्ष रामेश्वर लाल मोर ने संबोधन में कहा कि सामाजिक एकजुटता अग्रवाल समाज की पहचान है। उन्होंने समाजबंधुओं से निस्वार्थ भाव से एक-दूसरे का सहयोग करने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने का आह्वान किया।
अग्रवाल महिला मंडल की अध्यक्षा राजकुमारी मोदी ने समाज की मातृशक्ति को संबोधित करते हुए युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी पर जोर दिया। अग्रवाल नवयुवक मंडल के सचिव मनीष सर्राफ ने महोत्सव के आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी।
10 अक्टूबर को रंगोली और दीप प्रज्वलन का आह्वान
महिला मंडल की कोषाध्यक्ष नीलू स्नेही ने महिलाओं से 10 अक्टूबर की शाम घरों के बाहर रंगोली बनाने और दीप प्रज्वलित करने का आग्रह किया। उन्होंने 11 अक्टूबर के कार्यक्रम में सपरिवार अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम में महिलाओं से केसरिया साड़ी और नवयुवतियों से श्वेत वस्त्र पहनकर आने का अनुरोध किया गया। मंच संचालन अग्रवाल नवयुवक मंडल के अध्यक्ष सौरभ डालुका और श्वेता मंगल ने किया।
‘दिमाग का दंगल’ में 30 मिनट में हल किए 40 सवाल
महोत्सव के अंतर्गत रविवार को कक्षा सात से दस तक के विद्यार्थियों के लिए ‘दिमाग का दंगल’ ज्ञानवर्धक प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसका संयोजन डॉ. सुमित बंसल, सीए कृष्णा डालुका और वर्षा मोर ने किया।
प्रतियोगिता में नवदुर्गा के नौ स्वरूपों, माता सीता, माता पार्वती, महाराजा अग्रसेन जी और भगवान श्रीकृष्ण से संबंधित प्रश्न पूछे गए। प्रतिभागियों को 30 मिनट में 40 सवाल हल करने थे।
आयोजकों के अनुसार, प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों के ज्ञान, स्मरण शक्ति और प्रतिभा को परखने के साथ उन्हें भारतीय संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ना था। बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इन विद्यार्थियों ने हासिल किए स्थान
प्रतियोगिता में धैर्य सर्राफ पुत्र पिंटू सर्राफ और कीर्ति पुत्री झूमरलाल बंसल प्रथम स्थान पर रहे।
द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों में हितेश पुत्र राकेश मंडावाला, लक्षिता पुत्री निखिल मंडावाला, अंश गोयल पुत्र अभिषेक गोयल और इशिका बंसल पुत्री आनंद बंसल शामिल रहे।
खेलकूद और अन्य प्रतियोगिताओं का भी आयोजन
महोत्सव के पहले दिन विभिन्न आयु वर्गों के लिए खेलकूद और बौद्धिक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। युवती वर्ग की बैडमिंटन प्रतियोगिता दोपहर तीन बजे कुचामन कॉलेज में हुई। शाम चार बजे कक्षा एक से तीन तक के बच्चों के लिए कॉमन जंपिंग ब्लास्ट प्रतियोगिता आयोजित की गई।
शाम छह बजे कक्षा चार से छह तक के विद्यार्थियों के लिए लॉजिक रश प्रतियोगिता और अग्रसेन वाटिका, स्टेशन रोड पर महाआरती का आयोजन किया गया। युवा वर्ग की क्रिकेट प्रतियोगिता का समय शाम साढ़े सात बजे रखा गया।
समाजबंधुओं की रही उपस्थिति
उद्घाटन कार्यक्रम में मुरली बंसावाला, शिव भाड़ासरवाले, सुरेश बंसल, चिरंजी लाल मांगरसीवाला, महावीर बुडसुवाला, बालकिशन मंडावाला, सुनील शेखराजका, नथमल निमोदवाले, नवल डालूका, पवन मिठड़ीवाला, अमरचंद बुडसुवाला, शिंभू डालूका, सत्यनारायण मोर, दामोदर खोखरिया, मनोज शेखराजका, नथमल शेखराजका, किसान गोपाल मोदी, चेतन खालड़का, रामेश्वर मोर, बनवारी मोर, मीणा मोर, मधु बंसल, सुनीता पेमजीवाला और संतोष शेखराजका सहित समाज की महिलाएं, युवा एवं अन्य समाजबंधु उपस्थित रहे।
नौ दिवसीय महोत्सव के आगामी दिनों में भी समाज के विभिन्न वर्गों के लिए धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।