जोधपुर: शिकारगढ़ के सरकारी स्कूल में मिड-डे मील पर उठे सवाल

Jodhpur

जोधपुर: शिकारगढ़ के सरकारी स्कूल में मिड-डे मील की गुणवत्ता पर उठे सवाल, वायरल वीडियो से मचा हड़कंप

Aug 22, 2026
0 Likes
0
undefined minute read
Speak Loud
 0
14px16px18px20px22px24px
Save
Likes

जोधपुर/राजस्थान। जोधपुर के शिकारगढ़ क्षेत्र से सामने आए एक वीडियो ने सरकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता और व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में स्कूल में परोसे जाने वाले भोजन की कथित स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है। मामला सामने आने के बाद बच्चों के भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

हालांकि वीडियो में दिखाई दे रही परिस्थितियों और उससे जुड़े दावों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है। ऐसे में जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर सवाल

सरकारी विद्यालयों में मिड-डे मील का उद्देश्य विद्यार्थियों को पौष्टिक और निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन उपलब्ध कराना है। शिकारगढ़ क्षेत्र से सामने आए वीडियो के बाद सवाल उठ रहा है कि संबंधित स्कूल में भोजन तैयार करने और बच्चों को परोसने के दौरान निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

मामले में भोजन की गुणवत्ता के साथ रसोई की स्वच्छता, खाद्य सामग्री के रखरखाव और वितरण व्यवस्था की जांच की आवश्यकता भी जताई जा रही है।

वायरल वीडियो की जांच जरूरी

सोशल मीडिया पर सामने आने वाले वीडियो के आधार पर किसी स्कूल, कर्मचारी या संस्था की जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं होगा। यह स्पष्ट होना जरूरी है कि वीडियो कब का है, किस विद्यालय का है और उसमें दिखाई गई स्थिति का वास्तविक कारण क्या था।

शिक्षा विभाग अथवा संबंधित प्रशासन द्वारा जांच किए जाने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि मिड-डे मील व्यवस्था में वास्तव में किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं।

बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला

स्कूलों में दिया जाने वाला भोजन सीधे बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ा विषय है। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता या स्वच्छता में किसी तरह की कमी की शिकायत सामने आने पर उसकी गंभीरता से जांच आवश्यक है।

अभिभावकों की भी अपेक्षा रहती है कि विद्यालय में बच्चों को सुरक्षित, स्वच्छ और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। अब संबंधित विभाग की जांच और आधिकारिक प्रतिक्रिया के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Share :