जालोर। भेटाला गांव के ग्रामीणों ने ग्राम सेवा सहकारी समिति में जमा कराई गई केसीसी ऋण की राशि बैंक में जमा नहीं होने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों ने समिति के व्यवस्थापक डुंगरसिंह और सेल्समैन ओबाराम के खिलाफ कलेक्टर को शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि राशि जमा कराने के बावजूद उनके ऋण खातों में ब्याज बढ़ रहा है। उन्होंने जमा राशि का हिसाब स्पष्ट करने, उसे बैंक में जमा करवाने और रसीद उपलब्ध कराने की मांग की है।
राशि जमा कराने के बाद भी ब्याज बढ़ने की शिकायत
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उन्होंने केसीसी ऋण की राशि समिति के व्यवस्थापक और सेल्समैन के पास जमा करवा दी थी। आरोप है कि यह राशि जालोर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में जमा नहीं करवाई गई। इसके चलते संबंधित ऋण खातों में ब्याज बढ़ रहा है और ग्रामीणों पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
चार महीने से समिति बंद, गेहूं वितरण भी प्रभावित
ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि ग्राम सेवा सहकारी समिति करीब चार महीने से बंद है और गेहूं वितरण भी बंद पड़ा है। उनका यह भी आरोप है कि व्यवस्थापक ने करीब 12 महीने से भेटाला में हाजिरी नहीं दी है। समिति में कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने से ग्रामीणों को अपने कामों के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है।
समिति में रखे दस्तावेज वापस दिलाने की मांग
ग्रामीणों के अनुसार, कई लोगों की बैंक पासबुक, आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज समिति के अंदर रखे हैं। समिति बंद होने और किसी कर्मचारी के उपलब्ध नहीं होने के कारण वे अपने दस्तावेज नहीं ले पा रहे हैं।
शिकायतकर्ताओं ने प्रशासन से समिति खुलवाने और दस्तावेज वापस दिलाने की मांग की है। उन्होंने समाधान नहीं होने पर समिति का ताला तोड़कर दस्तावेज निकालने की चेतावनी भी दी है।
जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से जमा राशि की जांच करवाने, राशि संबंधित बैंक खातों में जमा करवाकर रसीद दिलाने और जांच में जिम्मेदारी तय होने पर कार्रवाई करने की मांग की है।
इस मामले में समिति के व्यवस्थापक, सेल्समैन और संबंधित बैंक का पक्ष उपलब्ध नहीं है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।