Jalore

प्राधिकरण सचिव भाटी ने किया वृद्धाश्रम एवं सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण

Nov 5, 2026
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पाली, 05 नवंबर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों के अनुपालन में, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, पाली के सचिव एवं अपर जिला न्यायाधीश विक्रम सिंह भाटी ने शहर में संचालित विभिन्न केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेवा समिति द्वारा संचालित वृद्धाश्रम और राजकीय बांगड़ चिकित्सालय स्थित सखी वन स्टॉप सेंटर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

वृद्धाश्रम की व्यवस्थाओं का निरीक्षण

निरीक्षण के दौरान सचिव विक्रम सिंह भाटी ने वृद्धाश्रम में निवासरत बुजुर्गों को मिल रही सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने आश्रम में वृद्धजनों के लिए पृथक-पृथक कक्ष, बिस्तर, फिजियोथेरेपी की सुविधा, नियमित चिकित्सकीय जांच, आयुर्वेदिक उपचार और संतुलित पौष्टिक आहार जैसी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। भाटी ने परिसर में साफ-सफाई के मानकों को भी परखा।

इस अवसर पर उन्होंने वृद्धजनों से सीधा संवाद किया और उनकी व्यक्तिगत समस्याओं एवं आवश्यकताओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही, उन्होंने उपस्थित बुजुर्गों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान की जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जागरूक किया। इस दौरान उन्होंने नालसा (NALSA) हेल्पलाइन नंबर और वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों व सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की भी विस्तृत जानकारी दी।

सखी वन स्टॉप सेंटर का अवलोकन

वृद्धाश्रम के बाद, सचिव भाटी ने राजकीय बांगड़ चिकित्सालय में संचालित सखी वन स्टॉप सेंटर का निरीक्षण किया। केंद्र प्रबंधक देवी बामणिया ने सेंटर की कार्यप्रणाली और वहां उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि हिंसा से प्रभावित महिलाओं को केंद्र पर चिकित्सा, कानूनी सहायता, परामर्श (काउंसलिंग) और अस्थायी आश्रय जैसी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।

सचिव भाटी ने केंद्र पर उपलब्ध रिकॉर्ड और रजिस्टरों का गहन अवलोकन किया और पिछले माह के आंकड़ों का संकलन किया। उन्होंने केंद्र प्रबंधन को निर्देशित किया कि पीड़ित महिलाओं को त्वरित एवं संवेदनशील सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान महिलाओं की गोपनीयता (प्राइवेसी) बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी पीड़िता को कानूनी सहायता की आवश्यकता हो, तो उसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवेदन प्रेषित करने में हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाए।

Shrawan Luked
Author
Shrawan Luked
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