शहडोल। नगर पालिका शहडोल के 39 वार्डों में विकास कार्यों की तकनीकी स्वीकृति में कथित देरी को लेकर पार्षदों ने नाराजगी जताई है। संयुक्त पार्षद मंच के बैनर तले पार्षदों ने संभागायुक्त को ज्ञापन सौंपकर सड़क, नाली, पेयजल और स्ट्रीट लाइट सहित विभिन्न विकास कार्यों की लंबित तकनीकी स्वीकृतियां जल्द जारी कराने की मांग की है।
पार्षदों का आरोप है कि नगर पालिका स्तर से प्रस्ताव तैयार होने के बाद जब फाइलें तकनीकी स्वीकृति के लिए कार्यपालन यंत्री, नगरीय प्रशासन एवं विकास के संभागीय कार्यालय भेजी जाती हैं तो अलग-अलग त्रुटियां बताकर उन्हें वापस कर दिया जाता है। उनका दावा है कि यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, जिससे वार्डों में प्रस्तावित विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
दो साल से तकनीकी स्वीकृति को लेकर परेशानी का आरोप
संयुक्त पार्षद मंच के अनुसार, पिछले करीब दो वर्षों से विभिन्न वार्डों में सड़क, नाली, पेयजल व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट जैसे बुनियादी विकास कार्यों के प्रस्ताव तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया में अटक रहे हैं।
पार्षदों का कहना है कि नगर पालिका से फाइल संभागीय कार्यालय भेजे जाने के बाद तकनीकी त्रुटियां बताकर उसे वापस कर दिया जाता है। सुधार के बाद दोबारा भेजने पर भी प्रक्रिया पूरी होने में समय लग रहा है।
पार्षदों का दावा है कि इसका सीधा असर वार्ड स्तर के विकास कार्यों पर पड़ रहा है और स्थानीय लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है।
एक साल में 3 CMO और 2 कार्यपालन यंत्री बदलने का दावा
ज्ञापन में नगर पालिका और संभागीय कार्यालय में अधिकारियों के लगातार बदलाव का मुद्दा भी उठाया गया है।
पार्षदों के मुताबिक, पिछले एक वर्ष के दौरान शहडोल नगर पालिका में तीन मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) बदले जा चुके हैं। वहीं संभागीय कार्यालय में कार्यपालन यंत्री के दो पद स्वीकृत होने के बावजूद एक अधिकारी के भरोसे काम चलने और एक वर्ष में दो कार्यपालन यंत्री बदलने की बात कही गई है।
पार्षदों का कहना है कि अधिकारियों के लगातार बदलने से विकास कार्यों से संबंधित फाइलों और स्वीकृतियों की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड सड़क का मुद्दा उठाया
संयुक्त पार्षद मंच ने ज्ञापन में बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड तक के मार्ग की स्थिति पर भी संभागायुक्त का ध्यान आकर्षित कराया है।
पार्षदों का कहना है कि यह शहर का व्यस्त मार्ग है, लेकिन इसके निर्माण और सुधार को लेकर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो सकी है। खराब सड़क, गड्ढों और धूल के कारण राहगीरों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पार्षदों ने इस मार्ग का निर्माण एवं सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराने की मांग की है।
सीवर लाइन के काम पर भी उठाए सवाल
ज्ञापन में शहर में चल रहे सीवर परियोजना के कार्यों को लेकर भी शिकायत की गई है। पार्षदों का आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से सीवर लाइन बिछाने के लिए अलग-अलग इलाकों में सड़कें खोदी जा रही हैं, लेकिन कई स्थानों पर काम और सड़क की बहाली में देरी हो रही है।
उनका आरोप है कि सीवर से संबंधित कार्य शुरू करने से पहले कई बार संबंधित वार्ड के पार्षदों को पर्याप्त जानकारी नहीं दी जाती। खुदाई के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होने और दुर्घटना का खतरा बढ़ने की शिकायत भी ज्ञापन में उठाई गई है।
समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
पार्षदों ने मांग की है कि तकनीकी स्वीकृति से संबंधित लंबित मामलों का जल्द निस्तारण किया जाए और फाइलों में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसका स्पष्ट एवं समयबद्ध समाधान कराया जाए।
इसके साथ ही सीवर परियोजना के कार्यों की निगरानी बढ़ाने, खुदाई के बाद सड़कों को समय पर दुरुस्त कराने और वार्ड पार्षदों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने की मांग की गई है।
संयुक्त पार्षद मंच ने चेतावनी दी है कि समस्याओं का समाधान नहीं होने और विकास कार्यों में देरी जारी रहने पर पार्षद आंदोलन का रास्ता अपना सकते हैं।
फिलहाल ज्ञापन में लगाए गए आरोपों पर नगर पालिका प्रशासन और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संभागीय कार्यालय का विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
रिपोर्ट: पंडित कृष्णा मिश्रा, पत्रकार, शहडोल संभाग