एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल की कार्रवाई, सोहागपुर के ASI जवाहरलाल राय और बुढ़ार के प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक निलंबित; दोनों मामलों की जांच DSP स्तर के अधिकारियों को सौंपी
शहडोल, मध्य प्रदेश। जिले में पुलिसकर्मियों के कामकाज में कथित लापरवाही और कदाचार से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने सख्त विभागीय कार्रवाई करते हुए दो पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबित पुलिसकर्मियों में थाना सोहागपुर में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक (ASI) जवाहरलाल राय और थाना बुढ़ार में पदस्थ प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक शामिल हैं।
दोनों पुलिसकर्मियों से संबंधित मामले अलग-अलग हैं। एक मामले में हाईवे पर वाहन चालक से कथित रूप से रुपये लेने का वीडियो सामने आया है, जबकि दूसरे मामले में वारंटी की तलाश में कथित लापरवाही सहित अन्य आरोपों की जांच की जा रही है।
पुलिस प्रशासन ने दोनों प्रकरणों की जांच DSP स्तर के अधिकारियों को सौंप दी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
हाईवे पर पिकअप चालक से रुपये लेने का आरोप
सोहागपुर थाने में पदस्थ ASI जवाहरलाल राय के खिलाफ कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद की गई।
वायरल वीडियो को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि ASI ने हाईवे पर एक पिकअप वाहन को रोका और उसके चालक से कथित रूप से रुपये लिए।
वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला पुलिस अधीक्षक के संज्ञान में पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने ASI जवाहरलाल राय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
वायरल वीडियो की सत्यता की भी होगी जांच
ASI जवाहरलाल राय से संबंधित वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोपों को अभी अंतिम रूप से प्रमाणित नहीं माना गया है।
पुलिस प्रशासन ने वीडियो की सत्यता, उसमें दिखाई दे रही परिस्थितियों और पूरे घटनाक्रम की जांच कराने का निर्णय लिया है।
जांच DSP स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाया गया तथा वाहन चालक से कथित रूप से रुपये लेने से जुड़े आरोपों में कितनी सत्यता है।
बुढ़ार थाने के प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक भी निलंबित
दूसरी कार्रवाई बुढ़ार थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक के खिलाफ की गई है।
उन पर ड्यूटी के दौरान वारंटी की तलाश और उससे जुड़ी कार्रवाई में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार उन्हें एक वारंटी की तलाश और आवश्यक कार्रवाई से संबंधित जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन आरोप है कि उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
थाना प्रभारी को जानकारी नहीं देने का आरोप
प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक पर आरोप है कि उन्होंने संबंधित मामले में थाना प्रभारी को आवश्यक जानकारी नहीं दी।
इसके साथ ही नियमानुसार कार्रवाई दर्ज नहीं करने और वारंटी की तलाश सुनिश्चित नहीं करने की बात भी सामने आई है।
मामले में आवश्यक रिपोर्ट दर्ज नहीं किए जाने से संबंधित तथ्य भी जांच के दायरे में हैं।
इन सभी बिंदुओं की विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
प्रधान आरक्षक का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में
प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक से संबंधित एक अन्य वीडियो भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
बताया जा रहा है कि वीडियो एक रेस्टोरेंट का है, जहां प्रधान आरक्षक एक महिला के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। इसी दौरान वहां पहुंचे एक व्यक्ति ने स्वयं को महिला का पति बताते हुए वीडियो बनाया और प्रधान आरक्षक पर आरोप लगाए।
वीडियो में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसलिए इससे जुड़े दावों को जांच पूरी होने से पहले स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता।
वीडियो और आरोपों की जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
पुलिस प्रशासन इस वायरल वीडियो और उससे संबंधित आरोपों की भी जांच कर रहा है।
जांच के दौरान वीडियो की परिस्थितियों, संबंधित लोगों के बयान और अन्य उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण किया जाएगा।
इसके बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वीडियो से जुड़े आरोपों में कितनी सत्यता है और मामला किसी विभागीय नियम के उल्लंघन की श्रेणी में आता है या नहीं।
एसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से किया निलंबित
दोनों अलग-अलग मामलों के सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने विभागीय स्तर पर प्रारंभिक कार्रवाई करते हुए ASI जवाहरलाल राय और प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
निलंबन को अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जाता। दोनों मामलों में विस्तृत जांच अभी जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय कार्रवाई निर्धारित होगी।
DSP स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई जांच
पुलिस अधीक्षक ने दोनों मामलों की जांच DSP स्तर के अधिकारियों को सौंपी है।
जांच अधिकारी वायरल वीडियो, संबंधित घटनाओं की परिस्थितियों, उपलब्ध दस्तावेजों और संबंधित व्यक्तियों के बयानों सहित सभी आवश्यक पहलुओं का परीक्षण करेंगे।
ASI से जुड़े मामले में हाईवे पर कथित वसूली के आरोप की जांच होगी, जबकि प्रधान आरक्षक के मामले में ड्यूटी में कथित लापरवाही तथा सामने आए अन्य आरोपों का परीक्षण किया जाएगा।
जांच रिपोर्ट के बाद तय होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस प्रशासन के मुताबिक फिलहाल दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है और जांच प्रक्रिया जारी है।
DSP स्तर की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।
यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित सेवा नियमों और प्रचलित कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही अंतिम विभागीय निर्णय होगा।
वायरल वीडियो के आधार पर लगे आरोपों की जांच जरूरी
दोनों मामलों में सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो महत्वपूर्ण हिस्सा बने हैं। हालांकि केवल वायरल वीडियो के आधार पर आरोपों को अंतिम रूप से सही नहीं माना जा सकता।
इसी कारण पुलिस प्रशासन ने वीडियो की प्रामाणिकता और पूरे घटनाक्रम की जांच वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों को सौंपी है।
फिलहाल ASI जवाहरलाल राय और प्रधान आरक्षक चेतराम कौशिक निलंबित हैं, जबकि दोनों मामलों में विस्तृत जांच जारी है।
NHP Bharat News | शहडोल, मध्य प्रदेश