रोसरा पंचायत में CCTV खरीदी पर सवाल, सरपंच प्रतिनिधि ने दी सफाई

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ग्राम पंचायत रोसरा में विकास कार्यों और CCTV कैमरा खरीदी पर उठे सवाल

Oct 13, 2026
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नरसिंहपुर की ग्राम पंचायत रोसरा में विकास कार्यों और CCTV कैमरा खरीदी पर सवाल, सरपंच प्रतिनिधि ने दी सफाई

पंचायत भवन में टाइल्स, पुताई और फर्नीचर का काम जारी होने की जानकारी; सीसी रोड और मोक्षधाम में विकास कार्यों का दावा, कैमरा खरीदी के बिल और वास्तविक उपलब्धता के सत्यापन की मांग

नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश। नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत रोसरा में विकास कार्यों और सीसीटीवी कैमरों की खरीदी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरपंच प्रतिनिधि मुलायम सिंह पटेल ने अपना पक्ष सामने रखा है। उन्होंने पंचायत भवन में कराए जा रहे निर्माण एवं सौंदर्यीकरण कार्यों, गांव में प्रस्तावित सीसी रोड निर्माण, मोक्षधाम के विकास और नियमित साफ-सफाई से संबंधित जानकारी दी।

वहीं, पंचायत में CCTV कैमरों की खरीदी को लेकर सोशल मीडिया पर उठाए जा रहे सवालों पर उन्होंने आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि पंचायत भवन के लिए कैमरों सहित आवश्यक सामग्री खरीदी जा चुकी है और उससे संबंधित बिल भी उपलब्ध हैं।

हालांकि कैमरों की वास्तविक उपलब्धता, आपूर्ति, स्थापना और भुगतान से संबंधित दस्तावेजों का स्वतंत्र सत्यापन अभी सामने नहीं आया है।

ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभाग से निष्पक्ष और दस्तावेज आधारित जांच की मांग की जा रही है।

पंचायत भवन में टाइल्स और पुताई का काम पूरा होने का दावा

सरपंच प्रतिनिधि मुलायम सिंह पटेल ने बताया कि ग्राम पंचायत रोसरा के पंचायत भवन में निर्माण और सौंदर्यीकरण से जुड़े कई कार्य कराए गए हैं।

उनके अनुसार पंचायत भवन में टाइल्स लगाने और पुताई का काम पूरा किया जा चुका है।

वर्तमान में पंचायत भवन में कुर्सी, टेबल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि पंचायत भवन को पूरी तरह तैयार करने और शेष व्यवस्थाएं पूरी करने में लगभग 15 से 20 दिन का समय और लग सकता है।

हालांकि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, स्वीकृत लागत और भुगतान की स्थिति से संबंधित विस्तृत दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।

पंचायत भवन को व्यवस्थित बनाने का प्रयास

मुलायम सिंह पटेल के अनुसार पंचायत भवन को बेहतर सुविधाओं के साथ तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि भवन में आवश्यक फर्नीचर और अन्य सामग्री की व्यवस्था की जा रही है।

पंचायत भवन ग्रामीण प्रशासन का महत्वपूर्ण केंद्र होता है, जहां पंचायत से संबंधित बैठकों, अभिलेखों और विभिन्न प्रशासनिक कार्यों का संचालन किया जाता है।

ऐसे में भवन में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता ग्रामीणों और पंचायत कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है।

हालांकि इन व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन मौके पर निरीक्षण और संबंधित अभिलेखों के आधार पर ही किया जा सकता है।

गांव में सीसी रोड निर्माण को लेकर दी जानकारी

ग्राम पंचायत रोसरा में सड़क निर्माण से संबंधित कार्यों को लेकर भी सरपंच प्रतिनिधि ने अपना पक्ष रखा।

मुलायम सिंह पटेल ने बताया कि आगामी चार से पांच महीनों में गांव में सीसी रोड निर्माण का कार्य पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा।

उनके अनुसार पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

हालांकि सीसी रोड निर्माण के लिए स्वीकृत राशि, प्रस्तावित लंबाई, निर्माण स्थल, कार्यादेश और संबंधित एजेंसी का विवरण उपलब्ध नहीं है।

इसलिए सड़क निर्माण की वर्तमान प्रशासनिक स्थिति की पुष्टि संबंधित पंचायत अभिलेखों से की जानी आवश्यक है।

मोक्षधाम में भी विकास कार्य कराने का दावा

सरपंच प्रतिनिधि ने ग्राम पंचायत क्षेत्र के मोक्षधाम में विकास कार्य कराए जाने की जानकारी दी।

उनका कहना है कि पंचायत की ओर से गांव में आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न कार्य किए गए हैं।

मोक्षधाम में कराए गए कार्यों की प्रकृति, स्वीकृत बजट और कार्य पूर्ण होने की स्थिति का विस्तृत विवरण फिलहाल उपलब्ध नहीं है।

ऐसे में संबंधित निर्माण कार्यों के अभिलेख और स्थल निरीक्षण से इन दावों की पुष्टि की जा सकती है।

गांव में नियमित साफ-सफाई कराने की बात कही

मुलायम सिंह पटेल ने पंचायत क्षेत्र में नियमित साफ-सफाई अभियान चलाए जाने की भी बात कही।

उन्होंने बताया कि गांव में स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित सफाई व्यवस्था सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छ वातावरण के लिए महत्वपूर्ण होती है।

हालांकि सफाई कार्यों के संचालन, संबंधित व्यय और नियमितता के बारे में स्वतंत्र जानकारी उपलब्ध नहीं है।

CCTV कैमरा खरीदी को लेकर सोशल मीडिया पर उठे सवाल

ग्राम पंचायत रोसरा में CCTV कैमरों की खरीदी का मामला चर्चा में है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार सोशल मीडिया पर पंचायत के नाम से जारी एक बिल को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

बताया जा रहा है कि सामने आए बिल में विभिन्न सामग्रियों के साथ CCTV कैमरों की खरीदी का उल्लेख है।

इस मामले में प्रमुख सवाल कैमरों की वास्तविक उपलब्धता, आपूर्ति और स्थापना से जुड़े हैं।

यह स्पष्ट होना आवश्यक है कि बिल में दर्ज कैमरे पंचायत को प्राप्त हुए हैं या नहीं और यदि प्राप्त हुए हैं तो वर्तमान में उनकी स्थिति क्या है।

केवल बिल में कैमरों की खरीदी दर्ज होने या सोशल मीडिया पर सवाल उठने से किसी वित्तीय अनियमितता का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

सरपंच प्रतिनिधि मुलायम सिंह पटेल ने आरोपों को बताया गलत

CCTV कैमरा खरीदी को लेकर उठ रहे सवालों पर सरपंच प्रतिनिधि मुलायम सिंह पटेल ने अपना पक्ष रखते हुए आरोपों को गलत बताया है।

उनके अनुसार पंचायत भवन में निर्माण कार्य पिछले छह से सात महीनों से चल रहा है।

उन्होंने कहा कि पंचायत भवन के लिए कैमरों सहित आवश्यक सामग्री खरीदी जा चुकी है।

साथ ही उन्होंने संबंधित खरीद के बिल उपलब्ध होने की बात कही।

हालांकि खरीद से संबंधित बिलों की प्रामाणिकता, भुगतान और सामग्री की आपूर्ति का स्वतंत्र सत्यापन अभी आवश्यक है।

बिल उपलब्ध होने के दावे से क्या स्पष्ट होगा?

सरपंच प्रतिनिधि द्वारा संबंधित बिल उपलब्ध होने की बात कही गई है।

खरीदी से जुड़े दस्तावेज किसी भी सरकारी व्यय की जांच में महत्वपूर्ण होते हैं।

लेकिन केवल बिल उपलब्ध होना सामग्री की वास्तविक आपूर्ति या स्थापना की अंतिम पुष्टि नहीं करता।

इसके लिए बिल के साथ भुगतान रिकॉर्ड, आपूर्ति विवरण, स्टॉक रजिस्टर और मौके पर उपलब्ध सामग्री का मिलान करना आवश्यक होता है।

यदि कैमरे खरीदे गए हैं लेकिन अभी स्थापित नहीं हुए हैं, तो उनकी वर्तमान स्थिति और स्थापना की प्रस्तावित समयसीमा स्पष्ट की जानी चाहिए।

कैमरों की संख्या और वास्तविक उपलब्धता की जांच जरूरी

इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि पंचायत के बिल में कितने CCTV कैमरों की खरीदी दर्ज है।

इसके साथ यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित कैमरे वास्तव में पंचायत को प्राप्त हुए हैं या नहीं।

यदि कैमरे पंचायत भवन या किसी अन्य स्थान के लिए खरीदे गए हैं, तो उनका वर्तमान स्थान और उपयोग की स्थिति दर्ज होनी चाहिए।

भौतिक सत्यापन से यह जानकारी प्राप्त की जा सकती है कि खरीदी गई सामग्री उपलब्ध है या नहीं।

खरीदी के बिल और भुगतान रिकॉर्ड का सत्यापन आवश्यक

ग्राम पंचायत में सरकारी राशि से की जाने वाली खरीद का रिकॉर्ड निर्धारित वित्तीय और प्रशासनिक नियमों के अनुसार रखा जाना चाहिए।

CCTV कैमरा खरीदी के मामले में संबंधित बिल, भुगतान वाउचर और बैंक रिकॉर्ड की जांच से कई तथ्य स्पष्ट हो सकते हैं।

जांच में यह देखा जा सकता है कि बिल किस फर्म द्वारा जारी किया गया, भुगतान किसे किया गया और संबंधित सामग्री कब उपलब्ध कराई गई।

इसके अलावा खरीदी प्रक्रिया में लागू नियमों का पालन हुआ या नहीं, इसकी भी जांच की जा सकती है।

स्टॉक रजिस्टर और आपूर्ति रिकॉर्ड की जांच से मिलेगी जानकारी

किसी भी सरकारी संस्था में खरीदी गई सामग्री का लेखा-जोखा महत्वपूर्ण होता है।

यदि पंचायत ने CCTV कैमरे खरीदे हैं, तो उनसे संबंधित आपूर्ति और स्टॉक रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है।

इससे यह स्पष्ट हो सकता है कि कितनी सामग्री खरीदी गई और कितनी प्राप्त हुई।

यदि खरीदी गई सामग्री अभी उपयोग में नहीं लाई गई है, तो उसके सुरक्षित रखरखाव की स्थिति भी जांच का विषय हो सकती है।

पंचायत भवन में कैमरे लगे हैं या नहीं?

CCTV कैमरा खरीदी को लेकर उठे सवालों के समाधान के लिए पंचायत भवन का भौतिक निरीक्षण महत्वपूर्ण होगा।

निरीक्षण के दौरान यह देखा जा सकता है कि कैमरे स्थापित हैं या नहीं।

यदि कैमरे स्थापित हैं, तो उनकी संख्या, स्थान और संचालन की स्थिति का सत्यापन किया जा सकता है।

यदि कैमरे अभी स्थापित नहीं हुए हैं, तो संबंधित अधिकारियों से इसका कारण और प्रस्तावित स्थापना समय पूछा जा सकता है।

इससे खरीदी और स्थापना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

निष्पक्ष जांच में इन बिंदुओं पर दिया जाए ध्यान

ग्राम पंचायत रोसरा में CCTV कैमरा खरीदी से संबंधित सवालों को स्पष्ट करने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं की जांच उपयोगी हो सकती है:

  1. खरीदी के बिल में दर्ज CCTV कैमरों की संख्या और मॉडल।

  2. संबंधित बिल और भुगतान वाउचर की प्रामाणिकता।

  3. बैंक रिकॉर्ड के आधार पर भुगतान का सत्यापन।

  4. कैमरों की आपूर्ति से जुड़े दस्तावेज और स्टॉक रजिस्टर।

  5. पंचायत भवन या अन्य निर्धारित स्थानों पर कैमरों की वास्तविक उपलब्धता।

  6. कैमरे स्थापित होने की स्थिति और उनके संचालन का परीक्षण।

  7. खरीदी प्रक्रिया में लागू सरकारी नियमों का अनुपालन।

  8. पंचायत की स्वीकृत राशि और वास्तविक व्यय का मिलान।

इन बिंदुओं का सत्यापन होने से आरोपों और सरपंच प्रतिनिधि द्वारा प्रस्तुत पक्ष के संबंध में तथ्यात्मक स्थिति सामने आ सकती है।

विकास कार्यों की गुणवत्ता और खर्च का भी हो सत्यापन

CCTV कैमरा खरीदी के अलावा पंचायत भवन और अन्य विकास कार्यों से संबंधित अभिलेखों की जांच भी पारदर्शिता के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है।

पंचायत भवन में टाइल्स, पुताई, फर्नीचर और अन्य व्यवस्थाओं के लिए स्वीकृत बजट तथा वास्तविक खर्च का मिलान किया जा सकता है।

इसी तरह सीसी रोड और मोक्षधाम में कराए गए या प्रस्तावित कार्यों के संबंध में स्वीकृति और कार्य प्रगति की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

इससे ग्रामीणों को पंचायत में चल रहे विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति समझने में सहायता मिलेगी।

आरोप और सफाई के बीच दस्तावेजी जांच महत्वपूर्ण

ग्राम पंचायत रोसरा में एक ओर CCTV कैमरा खरीदी को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सरपंच प्रतिनिधि मुलायम सिंह पटेल ने आरोपों को गलत बताते हुए खरीद के बिल उपलब्ध होने की बात कही है।

ऐसी स्थिति में किसी एक पक्ष के दावे को अंतिम निष्कर्ष मानने के बजाय संबंधित दस्तावेजों और भौतिक साक्ष्यों की जांच आवश्यक है।

यदि बिल, भुगतान रिकॉर्ड और मौके पर मौजूद सामग्री में समानता पाई जाती है, तो खरीद की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

यदि किसी प्रकार की विसंगति सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकते हैं।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

ग्राम पंचायत रोसरा में विकास कार्यों और CCTV कैमरा खरीदी को लेकर उठ रहे सवालों के बीच संबंधित विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।

इस मामले में बिल, भुगतान रिकॉर्ड, स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक सामग्री का सत्यापन महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि कैमरों की खरीदी और आपूर्ति किस स्थिति में है तथा पंचायत भवन में उनकी स्थापना हुई है या नहीं।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर किसी वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार की पुष्टि नहीं की जा सकती।

ग्राम पंचायत रोसरा में पारदर्शिता के लिए जांच जरूरी

नरसिंहपुर जिले की ग्राम पंचायत रोसरा में विकास कार्यों और CCTV कैमरा खरीदी को लेकर उठ रहे सवालों पर सरपंच प्रतिनिधि मुलायम सिंह पटेल ने अपना पक्ष रखा है।

उन्होंने पंचायत भवन में टाइल्स और पुताई का काम पूरा होने, फर्नीचर की व्यवस्था किए जाने, आगामी महीनों में सीसी रोड निर्माण और मोक्षधाम में विकास कार्य कराए जाने की जानकारी दी है।

कैमरा खरीदी को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को उन्होंने गलत बताया और संबंधित बिल उपलब्ध होने की बात कही।

मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित विभाग द्वारा खरीदी के दस्तावेजों, भुगतान रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध सामग्री का निष्पक्ष सत्यापन किया जाना आवश्यक है।

रिपोर्ट: विकास सियारिया | जिला नरसिंहपुर | NHP Bharat News

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