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नरसिंहपुर में बिना SMS के हार्वेस्टर संचालन पर प्रशासन का शिकंजा, तीन संचालकों पर FIR दर्ज

Nov 6, 2026
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नरसिंहपुर, मध्यप्रदेश। जिले में नरवाई और फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रजनी सिंह द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने के मामले में बिना स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) लगे कंबाइन हार्वेस्टर संचालित करने वाले तीन संचालकों के खिलाफ संबंधित पुलिस थानों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है।

यह कार्रवाई कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा गाडरवारा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में किए गए औचक निरीक्षण के बाद की गई। निरीक्षण के दौरान टीम को बिना निर्धारित स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के कंबाइन हार्वेस्टर से फसल कटाई किए जाने की जानकारी मिली।

30 अक्टूबर को जारी किया गया था प्रतिबंधात्मक आदेश

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रजनी सिंह ने 30 अक्टूबर 2026 को आदेश क्रमांक 2768/2026 जारी किया था।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के अंतर्गत जारी इस प्रतिबंधात्मक आदेश में बिना स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगे कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन पर रोक लगाई गई है।

आदेश का उद्देश्य फसल कटाई के बाद खेतों में बचने वाले अवशेषों के उचित प्रबंधन को बढ़ावा देना और नरवाई जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को रोकना है।

प्रशासन ने संबंधित संचालकों को निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए हैं।

कृषि और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण

कलेक्टर के निर्देश पर उप संचालक कृषि के मार्गदर्शन में संयुक्त निरीक्षण दल गठित किया गया।

अनुविभागीय कृषि अधिकारी गाडरवारा सुनीता मवासे के नेतृत्व में कृषि विभाग और पुलिस अधिकारियों की टीम ने विभिन्न गांवों में पहुंचकर कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन की जांच की।

संयुक्त टीम ने ग्राम चीचली, सिंहपुर, मऊ और मगरमुहा में औचक निरीक्षण किया।

इस दौरान टीम ने फसल कटाई में उपयोग किए जा रहे कंबाइन हार्वेस्टरों में स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम की उपलब्धता की जांच की।

बिना SMS लगे हार्वेस्टर से हो रही थी फसल कटाई

प्रशासन के अनुसार, निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर कंबाइन हार्वेस्टर बिना स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के संचालित पाए गए।

इसे कलेक्टर द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन मानते हुए संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

संयुक्त टीम ने मौके पर पंचनामा तैयार किया और आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर पुलिस कार्रवाई के लिए प्रकरण भेजे।

इसके बाद तीन संचालकों के विरुद्ध संबंधित थानों में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

तीन कंबाइन हार्वेस्टर संचालकों के खिलाफ FIR

प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, नियमों के उल्लंघन के मामले में निम्नलिखित तीन संचालकों के खिलाफ FIR दर्ज कराई गई है।

1. छिंदर सिंह: हरियाणा निवासी छिंदर सिंह के खिलाफ ग्राम चीचली में बिना निर्धारित स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम के कंबाइन हार्वेस्टर संचालन के मामले में कार्रवाई की गई।

2. अमरजीत सिंह: ग्राम सिंहपुर में निरीक्षण के दौरान सामने आए मामले में अमरजीत सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई।

3. अवतार सिंह: ग्राम मऊ में बिना SMS लगे कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन से संबंधित मामले में अवतार सिंह के खिलाफ कार्रवाई की गई।

ये मामले प्रतिबंधात्मक आदेश के कथित उल्लंघन से संबंधित हैं। FIR दर्ज होना अपराध सिद्ध होने के समान नहीं है।

क्या है स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम?

स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम यानी SMS एक ऐसी व्यवस्था है, जिसका उपयोग कंबाइन हार्वेस्टर से फसल कटाई के दौरान निकलने वाले भूसे और फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के लिए किया जाता है।

यह प्रणाली कटाई के बाद अवशेषों को खेत में अधिक व्यवस्थित ढंग से फैलाने में मदद करती है, जिससे आगे कृषि अवशेष प्रबंधन के उपकरणों का उपयोग करना आसान हो सकता है।

फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने से किसानों को खेतों में नरवाई जलाने की आवश्यकता कम करने में सहायता मिल सकती है।

हालांकि, SMS अपने आप में नरवाई जलाने की सभी समस्याओं का पूर्ण समाधान नहीं है। इसके साथ अन्य कृषि प्रबंधन तकनीकों का उपयोग भी आवश्यक हो सकता है।

नरवाई जलाने से पर्यावरण और मिट्टी को नुकसान

फसल कटाई के बाद खेतों में बचे अवशेषों को जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ सकता है।

नरवाई जलाने से धुआं और सूक्ष्म प्रदूषक कण वातावरण में फैलते हैं, जो श्वसन संबंधी परेशानियों का कारण बन सकते हैं।

इसके अतिरिक्त आग की अधिक गर्मी मिट्टी की सतह के पास मौजूद लाभकारी जीवों और कार्बनिक पदार्थों को प्रभावित कर सकती है।

कृषि विशेषज्ञ फसल अवशेषों के बेहतर प्रबंधन के लिए उपयुक्त कृषि यंत्रों और वैकल्पिक तरीकों के इस्तेमाल की सलाह देते हैं।

कार्रवाई में ये अधिकारी रहे शामिल

संयुक्त निरीक्षण एवं कार्रवाई के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

इनमें प्रमुख रूप से अनुविभागीय कृषि अधिकारी सुनीता मवासे, तहसीलदार चीचली नितिन राय, थाना प्रभारी शशि विश्वकर्मा, प्रभारी वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी के.पी. सिंह, कृषि विस्तार अधिकारी राजेश साहू और लिपिक राजेन्द्र साहू शामिल रहे।

अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान निर्धारित आदेश के अनुपालन की जांच की और संबंधित मामलों में आवश्यक कार्रवाई की।

हार्वेस्टर संचालकों को नियमों का पालन करने की चेतावनी

जिला प्रशासन ने कंबाइन हार्वेस्टर संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम लगाकर ही मशीनों का संचालन करें।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने पर संबंधित नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।

साथ ही किसानों से अपील की गई है कि वे फसल कटाई के बाद नरवाई अथवा पराली में आग न लगाएं।

किसानों से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन करने की अपील

प्रशासन ने किसानों को फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए उपयुक्त कृषि यंत्रों का उपयोग करने की सलाह दी है।

इसका उद्देश्य खेती में अवशेषों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा देना, पर्यावरणीय नुकसान कम करना और मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने में सहायता करना है।

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट हुआ है कि नरवाई प्रबंधन संबंधी प्रतिबंधात्मक आदेश का पालन कराने के लिए निरीक्षण और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

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vikas siyariya
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vikas siyariya
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