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पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार उठाए, 24 घंटे ड्यूटी करने वाले जवानों के परिवारों पर भी हो ध्यान : जीतू पटवारी

Nov 6, 2026
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बरमंडल (धार), मध्यप्रदेश। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पुलिस विभाग में कार्यरत जवानों और उनके परिवारों के कल्याण को लेकर राज्य सरकार के सामने महत्वपूर्ण मांग रखी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए दिन-रात ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार को उठानी चाहिए।

धार जिले के बरमंडल में पुलिसकर्मियों की कठिन ड्यूटी और पारिवारिक जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि पुलिस जवानों को कई बार लगातार लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐसे में वे अपने परिवार और बच्चों की शिक्षा पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते। उन्होंने प्रदेश सरकार से इस विषय पर गंभीरता से विचार कर ठोस कदम उठाने की मांग की।

दिन-रात जनता की सुरक्षा में तैनात रहते हैं पुलिसकर्मी

जीतू पटवारी ने पुलिसकर्मियों की कार्य परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

अपराध नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था, त्योहारों, सार्वजनिक आयोजनों और अन्य आवश्यक परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों को लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है।

उन्होंने कहा कि कई बार पुलिस जवानों को 24-24 घंटे तक ड्यूटी पर रहने की स्थिति का सामना करना पड़ता है।

ऐसी परिस्थितियों में उन्हें परिवार के साथ समय बिताने और बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान देने में कठिनाई हो सकती है।

पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी ले सरकार

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने मांग की कि राज्य सरकार पुलिस विभाग में कार्यरत जवानों के बच्चों के लिए बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं सुनिश्चित करे।

उन्होंने कहा कि जो पुलिसकर्मी जनता की सुरक्षा के लिए लगातार अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं, उनके परिवारों के हितों का ध्यान रखना भी आवश्यक है।

पटवारी ने सरकार से आग्रह किया कि पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिससे उनकी पढ़ाई आर्थिक या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण प्रभावित न हो।

गृह मंत्री और संबंधित अधिकारियों से की अपील

जीतू पटवारी ने प्रदेश के गृह मंत्री, शासन के अन्य मंत्रियों और संबंधित विभागीय अधिकारियों से इस विषय पर ध्यान देने की अपील की।

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार को ठोस निर्णय लेने चाहिए।

उनकी मांग का मुख्य उद्देश्य पुलिस जवानों के परिवारों को शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराना और बच्चों की पढ़ाई में आने वाली परेशानियों को कम करना है।

हालांकि, उपलब्ध विवरण में उन्होंने किसी विशेष छात्रवृत्ति योजना, निर्धारित आर्थिक सहायता राशि या प्रस्तावित योजना की विस्तृत रूपरेखा का उल्लेख नहीं किया है।

गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा का भी उठाया मुद्दा

पुलिसकर्मियों के परिवारों के साथ ही जीतू पटवारी ने आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि आर्थिक तंगी के कारण किसी बच्चे की पढ़ाई प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

गरीब परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकार को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

उन्होंने शिक्षा को बच्चों के बेहतर भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए इसे सरकारी प्राथमिकताओं में शामिल करने की मांग की।

कठिन ड्यूटी के बीच परिवारों की चिंता

पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ कई बार आपातकालीन परिस्थितियों में भी जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं।

ऐसे में उनकी पारिवारिक जरूरतों और बच्चों की शिक्षा से जुड़े विषयों पर ध्यान देना महत्वपूर्ण माना जाता है।

जीतू पटवारी ने इसी संदर्भ में पुलिस जवानों के परिवारों को बेहतर शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता जताई।

उनका कहना है कि जनता की सुरक्षा में तैनात जवानों के बच्चों के भविष्य को लेकर सरकार को संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।

राज्य सरकार से ठोस पहल की मांग

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब पुलिसकर्मी जनता की सुरक्षा के लिए दिन-रात काम करते हैं, तो उनके बच्चों की शिक्षा के लिए सरकार क्या ठोस कदम उठा रही है।

उन्होंने सरकार से इस दिशा में प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की।

इस मांग पर राज्य सरकार अथवा संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध कराई गई जानकारी में शामिल नहीं है।

शिक्षा और पुलिसकर्मियों के कल्याण का मुद्दा चर्चा में

बरमंडल में जीतू पटवारी द्वारा उठाई गई मांग ने पुलिसकर्मियों के परिवारों की शैक्षणिक जरूरतों और आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा के विषय को सामने रखा है।

उन्होंने पुलिस जवानों की कठिन कार्य परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए सरकार से उनके बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी लेने का आग्रह किया।

अब इस मांग पर राज्य सरकार की ओर से क्या प्रतिक्रिया आती है और पुलिसकर्मियों के परिवारों के लिए किसी नई शैक्षणिक सहायता व्यवस्था पर विचार किया जाता है या नहीं, यह देखना होगा।

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vikas siyariya
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vikas siyariya
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