NEET-UG री-एग्जाम के दौरान देशभर से कई ऐसे मामले सामने आए!
जहां अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच सके और उन्हें प्रवेश से वंचित होना पड़ा। परीक्षा नियमों के तहत निर्धारित समय के बाद पहुंचने वाले छात्रों को केंद्र में एंट्री नहीं दी गई, जिसके बाद कई जगहों पर भावुक और तनावपूर्ण दृश्य देखने को मिले।
कई अभ्यर्थियों ने देरी के पीछे अलग-अलग कारण बताए। कुछ छात्रों ने सड़क दुर्घटना और ट्रैफिक जाम को वजह बताया, जबकि कुछ ने गलत लोकेशन दिखाने के लिए Google Maps को जिम्मेदार ठहराया। छात्रों का कहना है कि गलत दिशा-निर्देश मिलने के कारण वे समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाए।
कर्नाटक के Bengaluru से सामने आए एक भावुक वीडियो ने इस पूरे मुद्दे को और चर्चा में ला दिया। वीडियो में तीन छात्र परीक्षा केंद्र का गेट बंद होने के बाद बाहर खड़े रोते हुए दिखाई दिए। छात्रों की भावनात्मक स्थिति देखकर वहां मौजूद कई लोग भी भावुक हो गए।
यह घटना देशभर के लाखों अभ्यर्थियों के संघर्ष, मेहनत और परीक्षा व्यवस्था की सख्ती को उजागर करती है। NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में एक-एक मिनट की अहमियत होती है, जहां देर से पहुंचने पर किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश नहीं दिया जाता।
कई छात्रों और अभिभावकों ने मांग की है कि ऐसी परिस्थितियों में अधिकारियों को मानवीय दृष्टिकोण भी अपनाना चाहिए, खासकर तब जब देरी किसी अप्रत्याशित परिस्थिति के कारण हुई हो। वहीं दूसरी ओर परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन भी जरूरी माना जा रहा है।
फिलहाल यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग परीक्षा नियमों की सख्ती और छात्रों की परेशानियों के बीच संतुलन बनाने की जरूरत पर सवाल उठा रहे हैं।
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