नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को संसद भवन परिसर में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) संसदीय दल की महत्वपूर्ण 'मंगल मिलन' बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वरिष्ठ केंद्रीय मंत्री और एनडीए के सहयोगी दलों के सांसद मौजूद रहे। इस बैठक की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि पहली बार हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से अलग होकर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए 20 सांसदों ने भी इसमें हिस्सा लिया।
बैठक ऐसे समय आयोजित हुई, जब संसद में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा प्रस्तावित थी। इस विधेयक को केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में पेश किया है। बैठक में इस विधेयक के विभिन्न पहलुओं के अलावा देश की आर्थिक नीतियों, मुक्त व्यापार समझौतों (Free Trade Agreements - FTAs), किसानों से जुड़े विषयों तथा संसद के आगामी विधायी एजेंडे पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
एनसीपीआई सांसद सयोनी घोष ने बैठक के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में आयोजित यह सत्र बेहद ज्ञानवर्धक और उपयोगी रहा। उन्होंने बताया कि बैठक में भारत के विभिन्न मुक्त व्यापार समझौतों, आर्थिक विकास की दिशा और संसद में पेश किए जाने वाले महत्वपूर्ण विधेयकों पर विस्तृत जानकारी साझा की गई। उन्होंने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 का समर्थन करते हुए कहा कि यह परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
वहीं, एनसीपीआई सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि यह पहला अवसर था जब उनकी पार्टी के 20 सांसदों को एनडीए की 'मंगल मिलन' बैठक में आमंत्रित किया गया। उनके अनुसार, बैठक में सरकार की विकास योजनाओं, किसानों के हितों, व्यापार नीति और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में जनता के बीच इन विषयों को बेहतर ढंग से रख सकेंगे।
राजनीतिक दृष्टि से भी इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि टीएमसी से अलग हुए सांसदों की एनडीए की बैठक में औपचारिक भागीदारी ने राष्ट्रीय राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा तेज कर दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इससे संसद के भीतर एनडीए को समर्थन का दायरा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल संसद में सार्वजनिक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 सहित कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा जारी है। ऐसे में एनडीए की यह बैठक आगामी संसदीय रणनीति, सहयोगी दलों के समन्वय और सरकार की नीतियों को लेकर अहम मानी जा रही है।