रिपोर्ट: अनिल पुंडीर
जिला युवा मीडिया प्रभारी, अखिल भारतीय करणी सेना मुजफ्फरनगर
करनाल, हरियाणा। यूजीसी से जुड़े फैसले को वापस लेने की मांग को लेकर हरियाणा के करनाल में मशाल यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा करनाल के नमस्ते चौक से शुरू होकर राजपूत धर्मशाला तक निकाली गई। यात्रा में हरियाणा के साथ उत्तर प्रदेश के शामली और मुजफ्फरनगर से पहुंचे विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों और समर्थकों ने हिस्सा लिया।
आयोजकों के मुताबिक, महिपाल सिंह मकराना और राजेंद्र सिंह नरुका के आह्वान पर निकाली जा रही यह मशाल यात्रा यूजीसी से संबंधित फैसले के रोलबैक की मांग को लेकर आगे बढ़ रही है। यात्रा को 25 अगस्त तक चंडीगढ़ पहुंचाने का कार्यक्रम बताया गया है।
नमस्ते चौक से शुरू हुई मशाल यात्रा
करनाल के नमस्ते चौक पर बड़ी संख्या में यात्रा से जुड़े लोग एकत्र हुए। यहां से हाथों में मशाल लेकर यात्रा राजपूत धर्मशाला की ओर रवाना हुई।
यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाई और यूजीसी से जुड़े फैसले को वापस लेने की मांग रखी। आयोजकों ने इसे अपनी मांगों को संबंधित स्तर तक पहुंचाने का अभियान बताया।
शामली और मुजफ्फरनगर से पहुंचे पदाधिकारी
मशाल यात्रा को समर्थन देने के लिए उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर और शामली से भी विभिन्न संगठनों से जुड़े पदाधिकारी करनाल पहुंचे।
यात्रा में सहयोग और समर्थन देने वालों में ठाकुर धीरज सिंह राणा, जिला अध्यक्ष अखिल भारतीय करणी सेना मुजफ्फरनगर, ठाकुर अवनीश पुंडीर, प्रदेश अध्यक्ष राजपूत उत्थान सभा, ठाकुर कुलदीप राणा, जिला अध्यक्ष राष्ट्रवादी जनलोक पार्टी (सत्य) और ठाकुर नरपत सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे।
समर्थकों का कहना है कि विभिन्न क्षेत्रों से लोगों की भागीदारी के माध्यम से इस अभियान को और मजबूत किया जाएगा।
अखिल भारतीय करणी सेना मुजफ्फरनगर ने दिया समर्थन
यूजीसी रोलबैक की मांग को लेकर आयोजित मशाल यात्रा में अखिल भारतीय करणी सेना जनपद मुजफ्फरनगर के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी सहयोग दिया।
संगठन से जुड़े लोगों ने करनाल पहुंचकर यात्रा को समर्थन दिया और आगे भी अभियान में सहयोग जारी रखने की बात कही।
25 अगस्त तक चंडीगढ़ पहुंचने का कार्यक्रम
आयोजकों के अनुसार, मशाल यात्रा का अभियान करनाल तक सीमित नहीं रहेगा। इसे आगे बढ़ाते हुए 25 अगस्त तक चंडीगढ़ पहुंचाने का कार्यक्रम है।
यात्रा से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य यूजीसी से जुड़े संबंधित फैसले के खिलाफ अपनी मांग को प्रमुखता से उठाना और रोलबैक की मांग को सरकार तथा संबंधित संस्थाओं तक पहुंचाना है।
अलग-अलग संगठनों को जोड़ने की कोशिश
मशाल यात्रा के माध्यम से हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक एवं अन्य संगठनों को अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
करनाल में आयोजित कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर और शामली से पहुंचे समर्थकों की भागीदारी को आयोजकों ने अभियान के लिए महत्वपूर्ण बताया। आने वाले दिनों में यात्रा के आगे बढ़ने के साथ अन्य स्थानों पर भी समर्थकों के जुड़ने की संभावना जताई गई है।