सहरसा (बिहार)। शहर के प्रमुख मार्ग शंकर चौक पर चल रहे फ्लाईओवर निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है। निर्माण कार्य के कारण सड़क पर बने गड्ढे, उड़ती धूल और बार-बार लगने वाले लंबे जाम से दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर बनने से भविष्य में यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है, लेकिन वर्तमान में निर्माण की धीमी गति और मार्ग की स्थिति ने रोजाना आवागमन को मुश्किल बना दिया है।
गड्ढों और धूल से राहगीर परेशान
शंकर चौक सहरसा के व्यस्त इलाकों में शामिल है। फ्लाईओवर निर्माण के चलते सड़क के कई हिस्सों की स्थिति खराब होने की शिकायत स्थानीय लोग कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि सड़क पर गड्ढों के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है। वहीं निर्माण कार्य से उड़ने वाली धूल के कारण दुकानदारों और आसपास रहने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है।
घंटों के जाम से बिगड़ रही यातायात व्यवस्था
निर्माण कार्य के बीच सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की समस्या भी सामने आ रही है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई बार वाहन लंबे समय तक जाम में फंसे रहते हैं।
व्यस्त समय में समस्या और बढ़ जाती है। दोपहिया, चारपहिया और अन्य वाहनों के साथ पैदल चलने वाले लोगों को भी रास्ता निकालने में परेशानी होती है।
दुकानदारों के कारोबार पर भी असर
शंकर चौक और आसपास दुकान चलाने वाले व्यापारियों का कहना है कि धूल, गड्ढों और जाम के कारण उनके कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी होती है।
दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ निर्माण अवधि के दौरान सड़क को आवागमन योग्य बनाए रखने की मांग की है।
निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग
स्थानीय लोगों की मांग है कि संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी फ्लाईओवर का काम जल्द पूरा कराने के लिए निर्माण की गति बढ़ाए। साथ ही सड़क के गड्ढों को दुरुस्त करने, नियमित पानी का छिड़काव कराने और यातायात व्यवस्था बेहतर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं।
लोगों का कहना है कि फ्लाईओवर शहर की यातायात व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण परियोजना है, लेकिन निर्माण के दौरान आम जनता की सुविधा और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
फिलहाल निर्माण की समयसीमा और काम की गति को लेकर संबंधित विभाग अथवा निर्माण एजेंसी का पक्ष उपलब्ध नहीं है। आधिकारिक जानकारी मिलने पर खबर को अपडेट किया जा सकता है।
जमीनी रिपोर्ट: रघुवीर कुमार सिंह, NHP भारत NEWS, सहरसा