21 सितंबर को शुरू हुई सेवा, सात दिनों में थमा परिचालन
हुलासगंज। पटना और हुलासगंज के बीच यात्रियों की सुविधा के लिए शुरू की गई पिंक बस सेवा महज एक सप्ताह के भीतर बंद हो गई। परिचालन रुकने से स्थानीय यात्रियों, विशेषकर महिलाओं को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नियमित बस सेवा शुरू होने से लोगों को पटना आने-जाने में सुविधा की उम्मीद थी, लेकिन कुछ ही दिनों में सेवा बंद होने से उन्हें निराशा हुई है।
इस बस सेवा का शुभारंभ 21 सितंबर को जहानाबाद के जिलाधिकारी, सांसद सुरेंद्र यादव और विधायक रितुराज ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर किया था। उद्घाटन के सात दिनों के भीतर ही परिचालन बंद होने से सेवा की निरंतरता और संचालन की तैयारियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
छात्राओं और कामकाजी महिलाओं को थी नियमित आवागमन की उम्मीद
पिंक बस सेवा का उद्देश्य हुलासगंज और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों, खासकर महिलाओं को पटना तक आने-जाने की सुविधा देना था। हुलासगंज स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्राओं, महिला कर्मचारियों, शिक्षिकाओं और प्रखंड क्षेत्र में कार्यरत महिलाओं के लिए यह सेवा उपयोगी मानी जा रही थी।
स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि नियमित परिचालन से यात्रा में लगने वाला समय कम होगा और आवागमन का एक सुविधाजनक विकल्प मिलेगा। सेवा बंद होने के बाद इन यात्रियों को फिर अन्य परिवहन साधनों पर निर्भर होना पड़ रहा है।
विधायक ने यात्रियों की कमी और आर्थिक घाटे को बताया वजह
घोसी विधायक रितुराज कुमार ने बताया कि जिला परिवहन अधिकारी से मिली रिपोर्ट के अनुसार, बस में यात्रियों की संख्या कम होने के कारण सेवा बंद हुई है। उनके मुताबिक, परिचालन घाटे में चल रहा था और इस स्थिति में बस का रखरखाव करना संभव नहीं हो पा रहा था।
स्थानीय स्तर पर महिलाओं के लिए आरक्षित सेवा होने के कारण यात्री संख्या सीमित रहने की चर्चा भी है। हालांकि, सेवा बंद होने की वजह को लेकर उपलब्ध जानकारी विधायक द्वारा बताई गई परिवहन अधिकारी की रिपोर्ट पर आधारित है।
महिला और पुरुष दोनों यात्रियों को अनुमति देने का सुझाव
स्थानीय यात्रियों का सुझाव है कि इस रूट पर महिला और पुरुष दोनों को सफर की अनुमति दी जाए, ताकि यात्रियों की संख्या बढ़ सके। लोगों का मानना है कि नियमित समय और सुचारू परिचालन के साथ यह बस हुलासगंज से पटना आने-जाने का उपयोगी माध्यम बन सकती है।
फिलहाल सेवा दोबारा शुरू करने की तारीख या संचालन व्यवस्था में बदलाव की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। यात्रियों को संबंधित विभाग के अगले निर्णय का इंतजार है।