नशामुक्त भारत अभियान के तहत दो स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित, ब्रह्माकुमारी संस्थान की राधिका बहन और गौरी बहन ने बताए नशे के दुष्प्रभाव, महिलाओं से परिवार और समाज को जागरूक करने की अपील
शेखपुरा/चेवाड़ा। नशामुक्त भारत अभियान के तहत सोमवार को शेखपुरा जिले के चेवाड़ा और लुटौत में जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समितियों की ओर से नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों में जीविका समूह से जुड़ी महिलाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक नुकसान की जानकारी दी गई। साथ ही महिलाओं से नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
इस दौरान ब्रह्माकुमारी संस्थान की राधिका बहन और गौरी बहन ने महिलाओं को संबोधित करते हुए नशे से दूर रहने, सकारात्मक जीवनशैली अपनाने और परिवार के सदस्यों को नशे की लत से बचाने के लिए जागरूकता फैलाने पर जोर दिया।
चेवाड़ा में जीविका दीदियों को किया गया जागरूक
चेवाड़ा स्थित नारी कल्याण जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड के परिसर में नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्थान की राधिका बहन एवं गौरी बहन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
इस अवसर पर प्रखंड परियोजना प्रबंधक सरयू कुमार, एरिया कोऑर्डिनेटर मनजीत कुमार सहित जीविका समूह से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक स्थिति और सामाजिक संबंधों को भी प्रभावित करती है। नशे के कारण पारिवारिक तनाव, आर्थिक परेशानियां और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं।
महिलाओं को अपने परिवारों में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने तथा बच्चों और युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया गया।
लुटौत में हरियाली जीविका समिति ने चलाया जागरूकता अभियान
इसी क्रम में लुटौत स्थित हरियाली जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड में भी नशामुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्थान की राधिका बहन और गौरी बहन ने महिलाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि समाज को नशामुक्त बनाने के लिए प्रत्येक परिवार में जागरूकता जरूरी है।
इस अवसर पर जीविका प्रखंड परियोजना प्रबंधक सरयू कुमार, सामुदायिक समन्वयक पप्पू कुमार, ललन कुमार, रीना कुमारी सहित जीविका समूह की अन्य महिलाएं उपस्थित रहीं।
नशामुक्ति अभियान में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि महिलाएं परिवार और समाज की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। यदि महिलाएं नशामुक्ति को लेकर जागरूक हों और अपने आसपास के लोगों को इसके दुष्परिणामों के बारे में बताएं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
जीविका समूहों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर नशामुक्ति का संदेश अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचाया जा सकता है।
इस दौरान महिलाओं को नशे से होने वाले आर्थिक नुकसान के बारे में भी बताया गया। वक्ताओं ने समझाया कि नशे पर खर्च होने वाली राशि का उपयोग बच्चों की शिक्षा, परिवार के स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में किया जा सकता है।
युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता जरूरी
कार्यक्रम में युवाओं के बीच बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए परिवार और समाज की जिम्मेदारी पर भी चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि बच्चों और युवाओं को शुरू से ही नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना आवश्यक है। इसके लिए अभिभावकों को बच्चों के व्यवहार, संगति और दैनिक गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए।
साथ ही युवाओं को शिक्षा, खेलकूद, रोजगार और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया, ताकि वे नशे जैसी हानिकारक आदतों से दूर रह सकें।
नशामुक्त समाज बनाने का दिया संदेश
चेवाड़ा और लुटौत में आयोजित दोनों कार्यक्रमों के माध्यम से जीविका समूह की महिलाओं से अपील की गई कि वे अपने-अपने गांवों और आसपास के क्षेत्रों में नशामुक्ति का संदेश पहुंचाएं।
कार्यक्रम में शामिल महिलाओं को बताया गया कि नशामुक्ति केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का विषय नहीं, बल्कि परिवार की खुशहाली और समाज के बेहतर भविष्य से भी जुड़ा हुआ है।
सोमवार शाम करीब चार बजे दोनों स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम संपन्न हुए।
नशामुक्त भारत अभियान के तहत आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी से गांव-गांव तक नशे के खिलाफ जागरूकता पहुंचाना और स्वस्थ, सुरक्षित एवं नशामुक्त समाज के निर्माण को प्रोत्साहित करना रहा।