खगड़िया, 28 सितंबर। सन्हौली नगर परिषद क्षेत्र में बारिश के बाद हुए जलजमाव ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। सन्हौली सूर्य मंदिर चौक से आवास बोर्ड, अमनी, गुदरिया स्थान और रैन खेत की ओर जाने वाली मुख्य सड़क पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं होने के कारण हर साल बारिश में ऐसी स्थिति बन जाती है।
सड़क पर जमा पानी के नीचे गड्ढे दिखाई नहीं देने से बाइक सवारों, पैदल राहगीरों, स्कूली बच्चों और बुजुर्गों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। लोगों ने नगर परिषद से स्थायी नाला निर्माण और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।
हल्की बारिश में ही सड़क पर भर जाता है पानी
स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश होते ही मुख्य मार्ग पर पानी जमा होने लगता है। कई स्थानों पर सड़क का बड़ा हिस्सा पानी में डूब जाने से वाहन चालकों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता।
यह मार्ग आसपास के कई इलाकों को जोड़ता है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में जलजमाव के कारण लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पानी के नीचे छिपे गड्ढे बढ़ा रहे दुर्घटना का खतरा
सड़क की खराब स्थिति और जलजमाव की समस्या एक साथ होने से खतरा और बढ़ गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पानी जमा होने पर सड़क के गड्ढे दिखाई नहीं देते, जिससे दोपहिया वाहन चालकों के गिरने की आशंका बनी रहती है।
स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को भी पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
‘हर साल बारिश में होती है यही परेशानी’
स्थानीय निवासी और चाय दुकानदार जीवन कुमार का कहना है कि इलाके में उचित नाला नहीं होने के कारण हर साल बरसात के दौरान जलजमाव की समस्या सामने आती है।
उनके मुताबिक नगर परिषद की ओर से कभी पंपिंग सेट अथवा अन्य माध्यमों से पानी निकालने का अस्थायी प्रयास किया जाता है, लेकिन स्थायी जलनिकासी व्यवस्था नहीं होने से समस्या दोबारा पैदा हो जाती है।
स्थायी नाला और सड़क मरम्मत की मांग
स्थानीय लोगों ने नगर परिषद से मांग की है कि जलजमाव से निपटने के लिए केवल अस्थायी इंतजाम करने के बजाय स्थायी नाले का निर्माण कराया जाए।
इसके साथ ही सड़क पर बने गड्ढों को भरकर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराने की मांग भी की गई है, ताकि बारिश के दौरान लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके।
फिलहाल इस समस्या और स्थायी जलनिकासी व्यवस्था को लेकर नगर परिषद का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। संबंधित विभाग का पक्ष मिलने पर खबर को अपडेट किया जाना चाहिए।