खगड़िया, 28 सितंबर। जन्मजात स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे जिले के छह बच्चों को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत सोमवार को 102 एम्बुलेंस से पटना भेजा गया। जिला स्वास्थ्य समिति से मिली जानकारी के अनुसार, दो बच्चों को PMCH और चार को IGIMS भेजा गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सक आगे की जांच कर उपचार तय करेंगे।
अलौली के एम.डी. आरास (3 वर्ष 1 माह) और गोगरी की वैष्णवी कुमारी (4 वर्ष) को PMCH भेजा गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों की 25 सितंबर को जांच हुई थी। इसके बाद उन्हें आगे के उपचार के लिए पटना रेफर किया गया।
वहीं, खगड़िया सदर की सृष्टि कुमारी (3 वर्ष 9 माह), परबत्ता की रिया कुमारी (8 वर्ष), अलौली की दीपशिखा कुमारी (11 माह) और अलौली के छोटू कुमार (6 माह) को IGIMS भेजा गया है। साझा की गई जानकारी में बच्चों की समस्याओं में कटे होंठ या तालु, जीभ का जुड़ा होना, जन्मजात बहरापन और हृदय संबंधी जन्मजात समस्या शामिल हैं। किस बच्चे को कौन-सी समस्या है, इसका अलग विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
क्या है RBSK?
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अनुसार, RBSK में जन्म से 18 वर्ष तक के बच्चों की कुछ जन्मजात समस्याओं, बीमारियों, पोषण संबंधी कमियों और विकास में देरी की पहचान की जाती है। योजना के तहत चिन्हित बच्चों को आवश्यक जांच, उपचार और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ संस्थान में सर्जरी की सुविधा निःशुल्क दी जाती है। nhm.gov.in
कटे होंठ और तालु की पहचान के लिए विशेष अभियान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार में 2 अक्टूबर से 14 नवंबर 2026 तक कटे होंठ और कटे तालु वाले बच्चों की पहचान के लिए विशेष अभियान प्रस्तावित है। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से ऐसे बच्चों की जानकारी नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या RBSK टीम को देने की अपील की है, ताकि जांच और उपचार की प्रक्रिया समय पर शुरू हो सके।